नेपाल में फिर भड़का जेन-जी विरोध, प्रधानमंत्री के निजी सचिव पर लगा भाई-भतीजावाद का आरोप
Sandesh Wahak Digital Desk: नेपाल में जेन-जी (Generation Z) युवाओं का विरोध प्रदर्शन एक बार फिर ज़ोर पकड़ रहा है। इस बार, यह गुस्सा प्रधानमंत्री सुशीला कार्की के मुख्य निजी सचिव आदर्श श्रेष्ठ द्वारा अपनी पत्नी और परिवार के सदस्यों को सचिवालय में नियुक्त किए जाने के कथित भाई-भतीजावाद (Nepotism) के मुद्दे पर भड़का है। नेपाली मीडिया में इस नियुक्ति का खुलासा होने के बाद जेन-जी नेताओं और आम जनता ने आदर्श श्रेष्ठ के तुरंत इस्तीफे की मांग की है।
भाई-भतीजावाद पर गुस्सा
जेन-जी आंदोलन शुरू से ही पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग कर रहा है। जेन-जी नेता रक्ष्या बाम ने सोशल मीडिया पर लिखा, पारदर्शिता और जवाबदेही हमारी मुख्य मांगें थीं। आदर्श श्रेष्ठ को तुरंत ऑफिस से हटा देना चाहिए, और जो नियुक्तियाँ उन्होंने भाई-भतीजावाद और फेवरेटिज्म को बढ़ावा देते हुए किए थे, उन्हें कैंसल कर देना चाहिए। दूसरी ओर, प्रधानमंत्री सुशीला कार्की के कार्यालय ने एक प्रेस रिलीज़ जारी कर इस नियुक्ति को ‘पारिवारिक कारणों से ज़रूरी’ बताया है।
सिमारा में हिंसक झड़प और कर्फ्यू
चुनावी माहौल के बीच यह विवाद अब सड़कों पर उतर आया है। बीते 21 नवंबर को, नेपाल के सिमारा में जेन-जी के युवा शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन कर रहे थे, तभी यह हिंसक झड़प में बदल गया। नेपाली मीडिया के अनुसार, जब जेन जेड युवा शांति से प्रदर्शन के लिए इकट्ठा हुए थे, तभी सीपीएन-यूएमएल (CPN-UML) के समर्थकों ने उन पर हमला कर दिया।
जितपुरसिमारा सब मेट्रोपॉलिटन सिटी के मेयर राजन पौडेल ने बताया कि यूएमएल कैडर ने जेन जेड ग्रुप, बारा के नेता सम्राट उपाध्याय और अन्य लोगों को पीटा, जिससे कई लोग घायल हो गए। हिंसा के बाद इलाके में तनाव की स्थिति बन गई, जिसके चलते प्रशासन को कर्फ्यू लगाना पड़ा। यूएमएल की बैठक में शामिल होने आए पार्टी के सीनियर लीडर्स भी एयरपोर्ट से ही वापस लौट गए।
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