पाकिस्तान में रहमान बाबा एक्सप्रेस के 14 डिब्बे पटरी से उतरे, 6 यात्रियों की मौत

Sandesh Wahak Digital Desk: पड़ोसी देश पाकिस्तान में रेल यात्रियों की सुरक्षा एक बार फिर से भगवान भरोसे नजर आई है। मंगलवार तड़के पंजाब प्रांत के मुल्तान में शेर शाह ब्रिज के नजदीक एक बड़ा रेल हादसा पेश आया, जहाँ कराची से पेशावर जा रही रहमान बाबा एक्सप्रेस अचानक पटरी से उतर गई। इस भीषण दुर्घटना में कम से कम 6 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि 40 से अधिक यात्री गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं। घायलों को तुरंत मुल्तान के निश्तर अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहाँ उनका इलाज जारी है। बचाव दल (रेस्क्यू 1122) के अधिकारियों के अनुसार, ट्रेन के सभी 14 डिब्बे मुख्य ट्रैक से नीचे उतर गए थे और रेस्क्यू ऑपरेशन युद्धस्तर पर चलाया जा रहा है।

स्थानीय मीडिया से बात करते हुए ट्रेन के ड्राइवर ने हादसे की खौफनाक दास्तां बयां की। उन्होंने बताया कि जब यह घटना सुबह करीब 5:15 बजे हुई, तब ट्रेन लगभग 100 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ रही थी। ड्राइवर के मुताबिक, सिग्नल पूरी तरह से क्लियर था और जब मैं शेर शाह स्टेशन के इलाके से गुजर रहा था, तो अचानक मुझे एक तेज झटका महसूस हुआ। मैंने तुरंत इमरजेंसी ब्रेक लगाए और किसी तरह ट्रेन को रोकने में कामयाब रहा। इसके बाद जब मैं इंजन से नीचे उतरकर पीछे देखने गया, तो पैरों तले जमीन खिसक गई; सभी यात्री कोच पटरी से दूर बिखरे पड़े थे।

पाकिस्तानी रेलवे की लचर व्यवस्था पर फिर उठे सवाल

यह कोई पहली बार नहीं है जब पाकिस्तान में इस तरह की रेल दुर्घटना सामने आई हो। पिछले एक साल के भीतर ट्रेनों के बेपटरी होने की अनगिनत घटनाएं सामने आ चुकी हैं, जो पाकिस्तानी रेलवे (PR) की भारी लापरवाही और लचर देखरेख की पोल खोलती हैं। बीते 1 अक्टूबर को भी दो पैसेंजर ट्रेनें—शालीमार एक्सप्रेस और पाकिस्तान एक्सप्रेस—पटरी से उतरने के बाद बड़े हादसों का शिकार होने से बाल-बाल बची थीं।

पाकिस्तानी रेलवे के अधिकारियों ने पूर्व में स्वीकार किया था कि पिछले पांच वर्षों से रेलवे ट्रैक और बुनियादी ढांचे की सही से देख-रेख नहीं की गई है, जिसके चलते ऐसी त्रासदियां लगातार सामने आ रही हैं। अगस्त और जुलाई के महीनों में भी यूसुफवाला कोयला ट्रेन, रावल एक्सप्रेस, हजारा एक्सप्रेस और शालीमार एक्सप्रेस जैसी कई ट्रेनें अलग-अलग जगहों पर रेत के ढेरों से टकराने या पटरी से उतरने के कारण हादसों का शिकार हो चुकी हैं।

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