किरण बेदी ने जंतर-मंतर को प्रदर्शन स्थल बनाने को बताया बड़ी गलती, फैसले का किया समर्थन
Kiran Bedi: दिल्ली में जंतर-मंतर को आधिकारिक प्रदर्शन स्थल की सूची से हटाए जाने के फैसले का रिटायर्ड आईपीएस अधिकारी और पुडुचेरी की पूर्व उपराज्यपाल किरण बेदी ने समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि जंतर-मंतर को प्रदर्शन स्थल बनाना पहले की प्रशासनिक गलती थी, जिसे लंबे समय तक सुधारा नहीं गया। बेदी के मुताबिक, संकरी सड़कें, संवेदनशील सरकारी इमारतों की नजदीकी और कनॉट प्लेस जैसा बड़ा व्यावसायिक क्षेत्र इसे विरोध प्रदर्शनों के लिए अनुपयुक्त बनाते हैं।
पीएम आवास से जंतर-मंतर तक बदले प्रदर्शन स्थल
किरण बेदी ने दिल्ली पुलिस में अपने सेवा काल का जिक्र करते हुए बताया कि समय के साथ राजधानी में प्रदर्शन की जगहें बदलती रही हैं। उन्होंने कहा, “दिल्ली पुलिस में सेवा के दौरान मैंने प्रदर्शन स्थल को पीएम आवास, 70 के दशक में तीन मूर्ति मार्ग (तब इंदिरा गांधी का आवास) से लुटियंस दिल्ली की सड़कों, 80 के दशक में इंडिया गेट और बोट क्लब से जंतर-मंतर शिफ्ट होते देखा।”
बेदी ने कहा कि हर शहर में लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने और विरोध दर्ज कराने के लिए खुली जगह होनी चाहिए। उन्होंने शहरों के योजनाकारों से इस जरूरत को ध्यान में रखने की अपील की।
उनके शब्दों में, “लोकतांत्रिक अभिव्यक्ति, जिसे हम प्रोटेस्ट भी कहते हैं, उसके लिए हर शहर को एक खुले स्थान की आवश्यकता होती है, लेकिन देना भूल जाते हैं। शहरों के योजनाकार कृपया इसे नोट करें।”
जंतर-मंतर के फैसले को बताया पुरानी गलती
बेदी ने कहा कि जंतर-मंतर की सड़कें संकरी हैं और इसके आसपास संवेदनशील इमारतें तथा सरकारी कार्यालय हैं। इसके अलावा, कनॉट प्लेस का प्रमुख व्यावसायिक इलाका भी पास में है। उनके मुताबिक, इन कारणों से जंतर-मंतर प्रदर्शन स्थल के लिए सबसे अनुपयुक्त जगहों में से एक था।
उन्होंने कहा कि उस समय के प्रशासन ने जंतर-मंतर को आधिकारिक प्रदर्शन स्थल बनाने का फैसला लेकर गलती की थी। इसे समय रहते ठीक नहीं किया गया और इसके दुष्परिणाम भी देखने को मिले।
20 जुलाई को सीजेपी के ‘संसद चलो मार्च’ के दौरान प्रदर्शनकारियों के संसद के बेहद करीब पहुंचने के बाद बेदी ने सरकार से जंतर-मंतर बंद करने की मांग की थी। उन्होंने 30 जुलाई को भी संसद की सुरक्षा और बाजारों में कारोबार प्रभावित होने का हवाला देते हुए यह अपील दोहराई थी।
रामलीला मैदान के लिए सुरक्षा व्यवस्था पर जोर
किरण बेदी ने बताया कि गृह मंत्रालय ने रामलीला मैदान सहित अन्य स्थानों को प्रदर्शन के लिए चिह्नित किया है। उन्होंने कहा कि शायद इस जरूरत को महसूस कराने के लिए न्यायपालिका के हस्तक्षेप की आवश्यकता पड़ी।
बेदी के मुताबिक, अब रामलीला मैदान में प्रदर्शन आयोजित करने के लिए सुरक्षा और संचालन की स्पष्ट रूपरेखा तैयार की जानी चाहिए, ताकि विरोध प्रदर्शन भी हो सकें और सुरक्षा तथा आम लोगों की आवाजाही पर भी ध्यान दिया जा सके।
Also Read: जंतर-मंतर पर रोक से मेट्रो पाबंदियों तक, सुप्रीम कोर्ट 15 अक्टूबर को सुनेगा सभी याचिकाएं

