लखनऊ में 68,500 शिक्षक अभ्यर्थियों ने शिक्षा मंत्री का आवास घेरा, बोले- नियुक्ति मिलेगी या अर्थी उठेगी
68500 Assistant Teacher Recruitment Protest: 68,500 सहायक शिक्षक भर्ती के अभ्यर्थियों ने सोमवार को शिक्षा मंत्री संदीप सिंह के आवास का घेराव कर जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी सड़क पर लेट गए और सिर पर ‘आरक्षण घोटाला’ लिखी टोपी पहनकर सीटी बजाते हुए नारे लगाए। करीब 45 मिनट चले प्रदर्शन के दौरान पुलिस और अभ्यर्थियों के बीच धक्का-मुक्की भी हुई।
प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर जबरन हटाने और बदसलूकी करने का आरोप लगाया। पुलिस ने सभी प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेकर ईको गार्डन भेज दिया। प्रदर्शन में दिव्यांग अभ्यर्थी भी शामिल रहे।
अभ्यर्थियों की मुख्य मांग 2018 की भर्ती में आरक्षण का लाभ देने और 5% छूट के आधार पर संशोधित चयन सूची जारी करने की है। प्रदर्शनकारियों ने नारे लगाए, ‘ऐसी क्या मजबूरी है, आरक्षण की चोरी है’ और ‘पिछड़ा आयोग ने माना है, आरक्षण घोटाला है।’ उनका कहना था कि अब या तो नियुक्ति मिलेगी या अर्थी उठेगी।
8 साल से नौकरी का इंतजार
सीतापुर से आए अभ्यर्थी आशुतोष वर्मा ने कहा कि वह करीब आठ साल से नौकरी की उम्मीद में संघर्ष कर रहे हैं। उनके मुताबिक, 68,500 शिक्षक भर्ती में आरक्षण के नियमों का सही तरीके से पालन नहीं हुआ। उन्होंने दावा किया कि राज्य और राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग ने भी आरक्षण से जुड़ी गड़बड़ी पर नियमों के पालन के निर्देश दिए हैं।
अभ्यर्थियों के मुताबिक, 2018 में निकली भर्ती में दिव्यांग, भूतपूर्व सैनिक, अनुसूचित जाति और पिछड़ा वर्ग के अभ्यर्थियों के लिए 5% छूट का प्रावधान था। आरोप है कि इन श्रेणियों को इसका लाभ नहीं मिला और सामान्य अभ्यर्थियों के साथ ही परिणाम जारी कर दिया गया।
दो बच्चियों को छोड़कर प्रदर्शन में पहुंचीं
प्रदर्शन (68500 Assistant Teacher Recruitment Protest) में शामिल इशिता पाल ने बताया कि वह आठ साल से अपनी मांग को लेकर आंदोलन कर रही हैं। उन्होंने कहा कि गर्मी, सर्दी और बारिश में ईको गार्डन या शिक्षा मंत्री के आवास के बाहर धरना देना पड़ता है।
इशिता ने बताया कि वह अपनी दो बच्चियों को घर पर छोड़कर प्रदर्शन में शामिल हुई हैं। उनका कहना है कि परिवार और बच्चों से दूर रहकर भी वह नियुक्ति की उम्मीद में आंदोलन जारी रखेंगी। उन्होंने कहा कि जब तक नौकरी नहीं मिलती, उनका संघर्ष चलता रहेगा।
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