गोरखपुर में नकली सीमेंट बनाने वाले गिरोह का भंडाफोड़, STF ने सरगना समेत 3 को किया गिरफ्तार

Sandesh Wahak Digital Desk: उत्तर प्रदेश की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए गोरखपुर में नकली सीमेंट बनाने वाले संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस कार्रवाई में गिरोह के सरगना सहित तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है और भारी मात्रा में नकली सीमेंट बरामद किया गया है।

STF को पिछले कुछ समय से सूचना मिल रही थी कि कुछ असामाजिक तत्व विभिन्न नामी ब्रांड्स के नाम पर नकली सीमेंट बनाकर बाज़ार में बेच रहे हैं। इस सूचना के आधार पर टीम ने जब गोरखपुर के बेलीपार थाना क्षेत्र के ग्राम चनऊ स्थित एक गोदाम पर छापा मारा, तो वहां बड़े पैमाने पर नकली सीमेंट तैयार किया जा रहा था।

गिरफ्तार आरोपी

  • अभिषेक शुक्ल, पुत्र नागेन्द्र नाथ शुक्ल, निवासी पिछौरा, थाना गीडा, गोरखपुर
  • दीनदयाल चौहान, पुत्र स्व. बनवारी लाल चौहान, निवासी विशुनपुर टोला सप्टहिंआ, थाना चिलुआताल, गोरखपुर
  • रामलवट, पुत्र रामजश, निवासी भरपुरवा, थाना सहजनवा, गोरखपुर

मौके से बरामद सामग्री

  • 257 बोरी नकली अल्ट्राटेक सीमेंट
  • 250 बोरी अधपका डैमेज डालमिया सीमेंट
  • 212 खाली अल्ट्राटेक सीमेंट की बोरियां
  • 60 बोरी डैमेज अल्ट्राटेक सीमेंट
  • सीमेंट भरने का उपकरण, इलेक्ट्रॉनिक तौल मशीन, लोहे की कीप, बोतल का कटा हुआ हिस्सा
  • एक मोबाइल फोन
  • एक दुरमुट (मशीनरी)

खुलासे में सामने आई चौंकाने वाली बातें

पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे पिछले तीन महीनों से इस अवैध धंधे में शामिल थे। अल्ट्राटेक और डालमिया जैसी कंपनियों का डैमेज माल वे मोतीराम डंपयार्ड के एक वेंडर ‘खान’ से 200 रुपये प्रति बोरी के हिसाब से खरीदते थे। इसके बाद साहबगंज मंडी निवासी केदार नाथ जायसवाल से 14 रुपये प्रति बोरी की दर से खाली बोरियां लेते थे।

इसके बाद मिलावट कर तैयार किया गया सीमेंट, अल्ट्राटेक और डालमिया ब्रांड की बोरियों में भरकर स्थानीय ठेकेदारों को बेचा जाता था जिनमें ‘शिवा एसोसिएट’ (पुर्दिलपुर, थाना कोतवाली) और ‘रिलायबल एसोसिएट’ (राम जानकी नगर, थाना गोरखनाथ) के नाम प्रमुख हैं। गिरोह रोज़ाना लगभग 200 से 250 बोरी नकली सीमेंट की बिक्री करता था।

एफआईआर दर्ज, आगे की कार्रवाई जारी

गिरफ्तार किए गए आरोपियों के खिलाफ थाना बेलीपार में मु.अ.सं. 187/2025 के तहत धारा 125, 290, 318, 342 BNS और 63 कॉपीराइट एक्ट में मुकदमा दर्ज किया गया है। इस पूरी कार्रवाई का नेतृत्व पुलिस उपाधीक्षक प्रमेश कुमार मे शुक्ल के निर्देशन में STF की टीम ने किया। स्थानीय पुलिस द्वारा मामले में आगे की विधिक कार्यवाही की जा रही है और गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की तलाश जारी है।

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