लखनऊ से मथुरा तक जेलों में नई तैनातियां, जानिए किसे कहां भेजा गया?
Sandesh Wahak Digital Desk: उत्तर प्रदेश सरकार ने जेल विभाग में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए राज्य के कई अहम जिलों में जेल अधीक्षकों और जेलरों के तबादले कर दिए। इस फेरबदल में 11 जिलों के जेल अधीक्षक और 22 जेलरों की जिम्मेदारी बदली गई है। यह निर्णय जेलों की कार्यप्रणाली को और अधिक पारदर्शी, चुस्त-दुरुस्त और उत्तरदायी बनाने के उद्देश्य से लिया गया है।
राज्य के प्रमुख जिलों में बदली गई जिम्मेदारी
तबादलों की इस सूची में लखनऊ, बुलंदशहर, बस्ती, एटा, रायबरेली, रामपुर, चित्रकूट और फिरोजाबाद जैसे संवेदनशील और महत्वपूर्ण जिले शामिल हैं। इसके अलावा मेरठ, आगरा, गाजियाबाद, झांसी और मथुरा जैसे बड़े केंद्रों में भी जेलरों की नई तैनाती की गई है।
वरिष्ठ जेल अधीक्षकों में हुए प्रमुख बदलाव
उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा जारी आदेश के अनुसार, आर.के. जायसवाल को लखनऊ जिला जेल का नया वरिष्ठ जेल अधीक्षक बनाया गया है। कोमल मंगलानी को बुलंदशहर जेल की जिम्मेदारी सौंपी गई है। शशांक पांडेय को एटा से स्थानांतरित कर मैनपुरी जेल भेजा गया है। इसके अतिरिक्त, बस्ती, रायबरेली, रामपुर, चित्रकूट और फिरोजाबाद के जेल अधीक्षकों के भी स्थानांतरण किए गए हैं।
22 जेलरों के भी हुए तबादले, कई प्रमुख केंद्रों को नए अफसर मिले
सरकार द्वारा जारी आदेश में 22 जेलरों की नई तैनाती की भी घोषणा की गई। इनमें से कुछ प्रमुख नियुक्तियां इस प्रकार हैं:
संतोष वर्मा – सेंट्रल जेल, आगरा
हरवंश पांडेय – मेरठ जेल
विकास कटियार – गाजियाबाद जेल
अंजनी गुप्ता – झांसी जेल
सुरेंद्र मोहन सिंह – मथुरा जेल
इनके अलावा उन्नाव, लखीमपुर खीरी, मथुरा समेत अन्य जिलों में भी जेल अधिकारियों को नई जिम्मेदारी सौंपी गई है।
सुधार और निगरानी व्यवस्था को लेकर सरकार गंभीर
सरकार के अनुसार, यह बदलाव प्रशासनिक मजबूती, बेहतर निगरानी व्यवस्था और सुधारात्मक जेल प्रबंधन को ध्यान में रखते हुए किए गए हैं। राज्य सरकार का मानना है कि एक सशक्त और अनुशासित जेल व्यवस्था न केवल कैदियों के सुधार में सहायक होती है, बल्कि जेलों में किसी भी प्रकार की अव्यवस्था, भ्रष्टाचार या हिंसा को भी नियंत्रित किया जा सकता है।

