आज से यूपी विधानमंडल का मानसून सत्र, स्कूल विलय और बिजली निजीकरण के मुद्दे पर हंगामे के आसार
Sandesh Wahak Digital Desk: उत्तर प्रदेश विधानमंडल का मानसून सत्र सोमवार से शुरू हो गया है। इस सत्र में सरकार और विपक्ष के बीच कई मुद्दों पर तीखी बहस होने की उम्मीद है। मुख्य रूप से प्राथमिक स्कूलों के विलय और बिजली के निजीकरण जैसे मुद्दों पर विपक्षी दल, खासकर समाजवादी पार्टी, सरकार को घेरने की तैयारी में हैं।
‘विकसित उत्तर प्रदेश-2047’ पर होगी 24 घंटे चर्चा
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को हुई सर्वदलीय बैठक में बताया कि इस सत्र का एक बड़ा हिस्सा ‘विकसित भारत, विकसित उत्तर प्रदेश-2047’ विजन डॉक्यूमेंट पर चर्चा के लिए समर्पित होगा। उन्होंने कहा कि यह डॉक्यूमेंट किसी पार्टी विशेष का नहीं, बल्कि पूरे राज्य का एजेंडा है। सीएम ने सभी दलों से इस पर सकारात्मक चर्चा करने का आग्रह किया, जो 13 अगस्त से लगातार 24 घंटे तक चलेगी।
सीएम योगी ने जोर दिया कि यह डॉक्यूमेंट प्रदेश की प्रगति और देश में एक नई छवि बनाने का जरिया बनेगा। उन्होंने संसदीय कार्यप्रणाली की सराहना करते हुए कहा कि पिछले कुछ सालों में यूपी विधानसभा ने देश में एक मिसाल कायम की है, जिससे लोकतंत्र मजबूत हुआ है।
सत्र को सुचारू रूप से चलाने की अपील
विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने सत्र को शांतिपूर्ण ढंग से चलाने के लिए सभी दलों से सहयोग की अपील की। संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना ने भी इसमें पक्ष और विपक्ष के सहयोग की जरूरत पर बल दिया। बैठक में सपा, अपना दल (सोनेलाल), रालोद, सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी, कांग्रेस, जनसत्ता दल लोकतांत्रिक और बसपा सहित सभी प्रमुख दलों के नेताओं ने सत्र में पूरा सहयोग देने का आश्वासन दिया।
जन-भागीदारी से बनेगा विजन डॉक्यूमेंट
मुख्यमंत्री ने बताया कि विजन डॉक्यूमेंट को अगले तीन महीने में तैयार करने का लक्ष्य है। इसे आम जनता के विचारों को शामिल करके और भी बेहतर बनाया जाएगा। इसके लिए एक क्यूआर कोड भी जारी किया जा रहा है, जिसे सार्वजनिक स्थानों पर लगाया जाएगा ताकि लोग अपने सुझाव दे सकें। विधानसभा अध्यक्ष ने विश्वास जताया कि यह डॉक्यूमेंट प्रदेश के विकास में एक मील का पत्थर साबित होगा।
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