प्रेम जाल, ब्लैकमेलिंग, फिर शादी: शातिर दिव्यांशी चौधरी गिरफ्तार, दो दरोगाओं से ठगी के बाद खातों में मिला करोड़ों का ट्रांजेक्शन

Sandesh Wahak Digital Desk:  कानपुर पुलिस ने शादी का झांसा देकर लोगों को ब्लैकमेल करने और ठगी करने वाली कुख्यात ‘लुटेरी दुल्हन’ दिव्यांशी चौधरी (30) को सोमवार देर रात गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि आरोपी ने दो बैंक मैनेजरों और दो सब-इंस्पेक्टरों सहित 12 से अधिक लोगों को अपने जाल में फंसाकर करोड़ों रुपये की ठगी की है। पुलिस (आज) मंगलवार को इस मामले में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पूरे नेटवर्क का खुलासा कर सकती है।

शातिराना तरीका और करोड़ों की ठगी

दिव्यांशी चौधरी का तरीका बेहद शातिराना था। पुलिस के अनुसार, वह मुख्य रूप से निम्नलिखित तरीकों से ठगी करती थी। पहले शादी का झांसा देकर या प्रेमजाल बिछाकर पीड़ितों से शारीरिक संबंध बनाती थी।

इसके बाद वह रेप या छेड़खानी का फर्जी मुकदमा दर्ज करवाती थी। ट्रायल के दौरान बयान पलटकर मुकदमा वापस लेने के नाम पर पीड़ितों से भारी रकम वसूलती थी और समझौता कर लेती थी। जांच में सबसे बड़ा खुलासा यह हुआ है कि उसके विभिन्न बैंक खातों में ₹8 करोड़ रुपये से अधिक की रकम जमा है।

सब-इंस्पेक्टर पति ने किया खुलासा

दिव्यांशी की चौथी शादी 17 फरवरी 2024 को बुलंदशहर निवासी सब-इंस्पेक्टर आदित्य कुमार लोचव (2019 बैच) से हुई थी। आदित्य को दहेज में स्कॉर्पियो गाड़ी और लाखों के जेवर का लालच देकर ठगा गया था।

शादी के कुछ महीनों बाद ही आदित्य को दिव्यांशी के व्यवहार पर शक हुआ। वह ससुराल में कम रुकती थी और अपने फोन से सभी UPI ऐप डिलीट कर देती थी। पीड़ित दरोगा ने जबरन उसका फोन चेक किया तो 10 से अधिक बैंक खातों में करोड़ों रुपये के लेन-देन की ट्रांजेक्शन हिस्ट्री देखकर उनके होश उड़ गए।

पुलिस कनेक्शन और आत्महत्या के प्रयास

जांच में एक और बड़ा झटका तब लगा जब दिव्यांशी के खातों से मेरठ ज़ोन में तैनात रहे कई पुलिस अधिकारियों (सब-इंस्पेक्टर, इंस्पेक्टर और सीओ स्तर तक) के खातों में करोड़ों रुपये के ट्रांजेक्शन मिले।

पुलिस का मानना है कि ठगी के इस गिरोह में कुछ पुलिसकर्मी भी शामिल हैं, जो गिरफ्तारी के बाद भी समझौते का दबाव डाल रहे थे। दिव्यांशी के ड्रामे, ब्लैकमेलिंग और झूठे आरोपों (पति पर ₹14.50 लाख हड़पने का) से तंग आकर सब-इंस्पेक्टर आदित्य ने दो बार आत्महत्या का प्रयास भी किया था। फिलहाल दिव्यांशी चौधरी के खिलाफ धोखाधड़ी, ब्लैकमेलिंग और आपराधिक षड्यंत्र सहित कई गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। ठगी के पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश होने की उम्मीद है।

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