लखनऊ एयरपोर्ट पर यात्रियों से 250 रुपये की वसूली, कागज चेक करने के नाम पर खेल, जांच के आदेश
Lucknow News: लखनऊ के चौधरी चरण सिंह अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट (Lucknow Airport) पर यात्रियों से दस्तावेज जांच और प्रिंट निकालने के नाम पर 250 रुपये वसूलने का मामला सामने आया है। शिकायत के बाद एयरपोर्ट प्रबंधन ने जांच के आदेश दिए हैं। आरोप है कि निजी एजेंसी के कर्मचारी सादे कागज पर रसीद देकर यात्रियों से रकम ले रहे हैं।
मामला 12 सितंबर का है। बहराइच निवासी मुकीम मजदूरी करने के लिए लखनऊ से दुबई रवाना हो रहे थे। एयरपोर्ट पर इमिग्रेशन विभाग को उनके वीजा को लेकर कुछ संदेह हुआ और उन्हें वीजा का प्रिंट निकलवाकर लाने को कहा गया। प्रस्थान गेट के पास बने एक बूथ पर मौजूद निजी एजेंसी के कर्मचारी ने पेपर की जांच और एक पेज का प्रिंट निकालने के नाम पर उनसे 250 रुपये ले लिए।
मुकीम ने जब रसीद मांगी तो कर्मचारी ने सादे कागज पर रकम लिखकर दे दी, लेकिन यह नहीं बताया कि पैसे किस मद में लिए गए। दुबई पहुंचने के बाद मुकीम की ओर से उनके परिचित विकास सिंह ने इस मामले की शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद एयरपोर्ट प्रशासन ने जांच शुरू करने के निर्देश दिए।
रोजाना सैकड़ों यात्रियों से वसूली का आरोप
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि यह कोई एक मामला नहीं है, बल्कि सुनियोजित तरीके से रोजाना बड़ी संख्या में यात्रियों से कागज चेक करने और प्रिंट निकालने के नाम पर रकम ली जा रही है।
लखनऊ एयरपोर्ट (Lucknow Airport) से रोजाना करीब 100 से 110 विमानों का आवागमन होता है। इनमें 12 से 14 अंतरराष्ट्रीय गंतव्यों के लिए उड़ानें शामिल हैं। प्रतिदिन करीब 17 हजार यात्री यहां से रवाना होते हैं।
इनमें लगभग 2,200 से 2,500 यात्री बहराइच, गोंडा, बलरामपुर, सिद्धार्थनगर समेत उत्तर प्रदेश के कई जिलों से दुबई, अबूधाबी और रियाद जैसे शहरों के लिए यात्रा करते हैं।
श्रमिक यात्रियों की जानकारी का फायदा उठाने का आरोप
बताया गया है कि बड़ी संख्या में श्रमिक यात्रियों को वीजा, पासपोर्ट और अंतरराष्ट्रीय यात्रा से जुड़े नियमों की पूरी जानकारी नहीं होती। आरोप है कि इसी का फायदा उठाकर उनसे अतिरिक्त रकम वसूली जाती है।
Lucknow Airport प्रशासन ने एके एजेंसीज को यात्रियों की आईडी और यात्रा से जुड़े दस्तावेजों के प्रिंट उपलब्ध कराने के लिए प्रस्थान गेट के पास बूथ आवंटित किया है। अब जांच में यह स्पष्ट किया जाएगा कि 250 रुपये की वसूली किस आधार पर की गई और क्या यात्रियों से इस तरह रकम लेना अधिकृत था।
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