अर्नब चक्रवात और मानसूनी आफत से 9 राज्यों में हाहाकार, सिक्किम में भूस्खलन से 20 मकान बहे

Sandesh Wahak Digital Desk: चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ और पूर्वोत्तर भारत में जारी मानसूनी तबाही ने देश के बड़े हिस्से में जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। सिक्किम के ग्यालशिंग जिले में गुरुवार देर रात रिंबी गांव में हुए एक भीषण भूस्खलन की वजह से 20 से ज्यादा रिहायशी मकान और सरकारी क्वार्टर ताश के पत्तों की तरह ढहकर बह गए। राहत की बात यह रही कि समय रहते प्रशासनिक सतर्कता के कारण एक बड़ा हादसा टल गया और अब तक किसी के हताहत होने की खबर नहीं है।

दूसरी ओर, बंगाल की खाड़ी से उठा चक्रवात ‘अर्नब’ भले ही अब कमजोर पड़कर गहरे दबाव के क्षेत्र में बदल गया हो, लेकिन इसका असर कम नहीं हुआ है। ओडिशा और उसके पड़ोसी राज्यों में मूसलाधार बारिश के चलते अचानक बाढ़ का संकट मंडरा रहा है। इस समय देश के कुल 9 राज्य चक्रवात और मानसून के इस दोहरे प्रहार से सीधे प्रभावित हुए हैं।

ओडिशा में 10 हजार लोग राहत शिविरों में पहुंचाए गए

तूफान के चलते ओडिशा के दक्षिणी और पश्चिमी इलाकों में रिकॉर्ड तोड़ बारिश दर्ज की गई है। नदियां उफान पर हैं और पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन का खतरा बना हुआ है। बिगड़ते हालात को देखते हुए राज्य सरकार ने त्वरित कार्रवाई करते हुए संवेदनशील निचले इलाकों से 10,000 से अधिक निवासियों को निकालकर करीब 200 राहत शिविरों में शरण दी है। मौसम विज्ञान केंद्र (IMD) ने चेतावनी दी है कि अगले 24 घंटों में छत्तीसगढ़, तटीय आंध्र प्रदेश, ओडिशा और तेलंगाना में 50 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चल सकती हैं और भारी से अत्यधिक भारी बारिश होने की संभावना है।

मध्य प्रदेश, UP और बिहार में अलर्ट जारी

उत्तर और मध्य भारत में भी मजबूत मानसूनी तंत्र एक बार फिर पूरी तरह सक्रिय हो गया है। उत्तर प्रदेश के 20 से अधिक जिलों में सुबह से ही झमाझम बारिश हो रही है। राजधानी लखनऊ, कानपुर, उन्नाव, वाराणसी, जौनपुर और प्रयागराज में गुरुवार शाम से ही तेज हवाओं के साथ मूसलाधार बारिश का दौर बना हुआ है। मध्य प्रदेश में मौसम विभाग ने जबलपुर और कटनी सहित राज्य के 13 जिलों के लिए ‘ऑरेंज अलर्ट’ घोषित किया है। इसके अलावा 16 अन्य जिलों में मध्यम से भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। बिहार के 19 जिलों में मेघगर्जन और वज्रपात के साथ बारिश का ‘येलो अलर्ट’ जारी किया गया है। वहीं, हरियाणा के यमुनानगर, करनाल और पानीपत समेत 6 जिलों में हल्की से मध्यम बौछारें पड़ने की उम्मीद है।

राहत कार्य तेज, अलर्ट पर प्रशासन

आपदा से निपटने के लिए सिक्किम और ओडिशा के सबसे ज्यादा प्रभावित क्षेत्रों में एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमों को मोर्चा संभालने के लिए तैनात किया गया है। सिक्किम में भूस्खलन की वजह से बंद पड़े रास्तों को साफ करने और मलबा हटाने का काम युद्धस्तर पर चलाया जा रहा है। सभी प्रभावित राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने जिला कप्तानों और प्रशासनिक अधिकारियों को चौबीसों घंटे हाई अलर्ट पर रहने का निर्देश दिया है।

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