‘अच्छे फैसले भूल जाएंगे, एक गलती याद रहेगी’, नए चीफ सेलेक्टर को गावस्कर की चेतावनी
Sports News: भारतीय क्रिकेट टीम की चयन समिति में जल्द बदलाव हो सकता है। मौजूदा चीफ सेलेक्टर अजीत अगरकर का कार्यकाल खत्म होने वाला है और BCCI नए चयन समिति अध्यक्ष की नियुक्ति की प्रक्रिया में है।
BCCI के उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला भी कह चुके हैं कि चयनकर्ता की नियुक्ति के लिए जरूरी मंजूरी ले ली गई है और फैसला बाद में किया जाएगा।
इसी बीच भारत के पूर्व कप्तान सुनील गावस्कर ने चयन समिति के अध्यक्ष की जिम्मेदारी को लेकर नए चीफ सेलेक्टर को आगाह किया है।
गावस्कर के मुताबिक यह पद जितना प्रतिष्ठित है, उतना ही चुनौतीपूर्ण भी है। चयनकर्ताओं के कई अच्छे फैसले समय के साथ भुला दिए जाते हैं, लेकिन एक गलत फैसला लंबे समय तक चर्चा में रहता है।
चीफ सेलेक्टर की पीठ पर रहता है ‘टारगेट’
गावस्कर ने अपने कॉलम में लिखा कि चीफ सेलेक्टर की पीठ पर हमेशा एक तरह का ‘टारगेट’ रहता है।
उनके मुताबिक चयन समिति के अध्यक्ष के कई सही फैसले पीछे छूट जाते हैं, जबकि किसी एक फैसले को बार-बार याद किया जाता है और उसकी आलोचना होती रहती है।
गावस्कर ने चयन प्रक्रिया के एक और पहलू का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि किसी खिलाड़ी को चुनने या बाहर रखने का फैसला हमेशा सिर्फ चेयरमैन का नहीं होता।

पूरी चयन समिति फैसले में शामिल होती है, लेकिन मीडिया के सामने उसका जवाब देने की जिम्मेदारी अक्सर चेयरमैन पर ही आती है। ऐसे में सार्वजनिक आलोचना का सामना भी उन्हें अकेले करना पड़ सकता है।
अगरकर का कार्यकाल भी रहा अहम फैसलों से भरा
अजीत अगरकर को जुलाई 2023 में भारतीय पुरुष सीनियर चयन समिति का अध्यक्ष नियुक्त किया गया था।
उनके कार्यकाल में भारतीय टीम ने कई बड़े टूर्नामेंट खेले और चयन समिति को सीनियर खिलाड़ियों के भविष्य से लेकर टीम में बढ़ती प्रतिस्पर्धा तक कई अहम फैसले लेने पड़े।
अगरकर का कार्यकाल अब समाप्ति की ओर है। BCCI ने सितंबर में भी उनकी जगह नए चयनकर्ता की नियुक्ति को लेकर प्रक्रिया आगे बढ़ने की पुष्टि की थी।
नए चीफ सेलेक्टर के सामने बड़ी जिम्मेदारी
नए चयन समिति अध्यक्ष के सामने आने वाले समय में कई महत्वपूर्ण फैसले होंगे। भारतीय टीम का वेस्टइंडीज के खिलाफ वनडे और टी20 सीरीज का कार्यक्रम तय है, जबकि 2027 वनडे वर्ल्ड कप को ध्यान में रखते हुए टीम कॉम्बिनेशन और खिलाड़ियों के चयन पर भी नजर रहेगी।
BCCI के मुताबिक वेस्टइंडीज के खिलाफ भारत तीन वनडे और पांच टी20 मैच खेलेगा।
ऐसे में नए चीफ सेलेक्टर के लिए सबसे बड़ी चुनौती सिर्फ खिलाड़ियों का चयन करना नहीं, बल्कि उन फैसलों के लिए जवाबदेही संभालना भी होगी।

