अखिलेश यादव ने सीएम योगी पर कसा तंज, बोले- सैफई से सीख लेते तो गोरखपुर में यह हाल न होता

Lucknow News: समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने रविवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और प्रदेश सरकार पर तीखा राजनीतिक हमला बोला। उन्होंने सीएम के गृह जनपद गोरखपुर में जलभराव की स्थिति की तुलना सैफई के विकास से करते हुए कहा कि जिन्हें 10 साल में गोरखपुर को सैफई से बेहतर बनाना था, वे अपने ही शहर को पानी में डूबने से नहीं बचा पा रहे हैं।

जहां मेट्रो चलनी थी, वहां नाव चल रही है

गोरखपुर की स्थिति पर तंज कसते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि मुख्यमंत्री दिन-रात सैफई का नाम जपते हैं। अगर उन्होंने सैफई के विकास मॉडल से थोड़ी भी प्रेरणा ली होती, तो गोरखपुर में जहाँ मेट्रो चलने का दावा किया जा रहा था, वहाँ आज नाव चलाने की नौबत नहीं आती। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री को किसी शहर से प्रेम नहीं है और गोरखपुर की मौजूदा दुर्दशा वहां के प्रशासनिक तंत्र और आपसी खींचतान का नतीजा है।

2022 में बेईमानी न होती तो सपा की सरकार बनती

चुनाव प्रक्रिया और चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि 2017 में सपा सतर्क नहीं थी और 2022 के विधानसभा चुनावों में भारी बेईमानी की गई। अगर 2022 में निष्पक्ष चुनाव होते तो उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी की सरकार बनती। उन्होंने दावा किया कि 2024 के लोकसभा चुनाव में जनता और पीडीए प्रहरियों की जागरूकता के कारण ही सपा-गठबंधन इतनी बड़ी संख्या में सीटें जीतने में सफल रहा।

सपा प्रमुख ने बीजेपी पर प्राइवेट कंपनियों के जरिए फर्जी फॉर्म-7 भरवाकर वोट काटने की साजिश का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि बीजेपी कार्यकर्ता फर्जी दस्तखत के साथ वोट कटवाने का काम कर रहे थे, जिन्हें पीडीए प्रहरियों ने रंगे हाथों पकड़ा। अखिलेश ने नोएडा में बड़े पैमाने पर फर्जी वोट बनाए जाने का दावा करते हुए कहा कि चुनाव आयोग को अपनी साख बचानी चाहिए और किसी राजनीतिक दल के इशारे पर काम करने के बजाय निष्पक्षता से भूमिका निभानी चाहिए।

सपा और कांग्रेस के बीच हालिया बयानबाजी और खींचतान के सवाल पर अखिलेश यादव ने स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने मुस्कराते हुए कहा कि वे विरोधियों से ही कूटनीति सीख रहे हैं। जैसे भाजपा के नेता ऊपर-ऊपर लड़ते दिखते हैं और अंदरखाने मिले होते हैं, वैसे ही सपा-कांग्रेस के बीच का विवाद भी चुनावी रणनीति का एक हिस्सा है। स्पोर्ट्स और खिलाड़ियों के विकास पर बोलते हुए अखिलेश यादव ने बड़ा ऐलान किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में समाजवादी पार्टी की सरकार बनने पर खेल बजट में भारी बढ़ोतरी की जाएगी। भाजपा सरकार द्वारा बंद किए गए सम्मानों को पुनः शुरू किया जाएगा और यश भारती पुरस्कार से सम्मानित हस्तियों को प्रति माह 1 लाख रुपये की पेंशन तथा 21 लाख रुपये की सम्मान राशि प्रदान की जाएगी।

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