कोलकाता में होगा इंडिया एनर्जी वीक 2027, हरदीप सिंह पुरी ने किया कर्टन रेजर का उद्घाटन

Lucknow News: केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने इंडिया एनर्जी वीक (IEW) 2027 के कर्टन रेज़र कार्यक्रम का आधिकारिक उद्घाटन किया। इसके साथ ही देश के इस सबसे बड़े वैश्विक ऊर्जा आयोजन के पाँचवें संस्करण की तैयारियों की औपचारिक शुरुआत हो गई है। इंडिया एनर्जी वीक 2027 का आयोजन 28 से 31 जनवरी 2027 तक कोलकाता के न्यू टाउन कन्वेंशन सेंटर में किया जाएगा। इस बार आयोजन की मुख्य थीम “Unlocking Innovation, Securing Energy, Shaping Tomorrow” रखी गई है।

उद्घाटन के अवसर पर केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि 2023 में अपनी शुरुआत के बाद से IEW केवल चार वर्षों के भीतर एक अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा मंच के रूप में स्थापित हो चुका है। जहाँ 2023 के पहले संस्करण में 30,000 प्रतिनिधियों ने भाग लिया था, वहीं 2026 तक यह संख्या बढ़कर 120 से अधिक देशों के 75,000 पेशेवरों तक पहुँच गई।

केंद्रीय मंत्री ने जोर देकर कहा कि वैश्विक स्तर पर ऊर्जा बाजार में उथल-पुथल के बावजूद भारत ने घरेलू स्तर पर ईंधन की कीमतों को नियंत्रित और स्थिर रखा है। उन्होंने कहा कि कोलकाता में होने वाला यह आयोजन पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत की औद्योगिक क्षमताओं को प्रदर्शित करेगा और बंगाल में ऊर्जा पुनर्जागरण की शुरुआत करेगा।

वैश्विक मंच पर युवा और नवाचार की भूमिका

IEW 2027 में उद्यमियों, स्टार्टअप्स, शिक्षाविदों और नवोन्मेषकों की भागीदारी पर विशेष जोर रहेगा। इसमें युवाओं को जोड़ने के लिए वसुधा, अविन्या, हैकाथॉन और FIPI के 12 स्टूडेंट चैप्टर्स के माध्यम से विशेष पहल की जाएगी। चार दिवसीय इस महाकुंभ में 700 से अधिक अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शक हिस्सा लेंगे। इस दौरान ग्रीन हाइड्रोजन, बायोफ्यूल, एलएनजी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), नवीकरणीय ऊर्जा, पेट्रोकेमिकल्स और नेट-जीरो लक्ष्यों को प्राप्त करने जैसे विषयों पर गहन मंथन होगा।

यूपी और पूर्वी भारत की ऊर्जा रीढ़: इंडियन ऑयल

कार्यक्रम में लखनऊ से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जुड़े इंडियन ऑयल के निदेशक (वित्त) अनुज जैन ने कहा कि IEW ने वैश्विक ऊर्जा संवाद को क्षेत्रीय प्राथमिकताओं और जमीनी वास्तविकताओं से जोड़ने का काम किया है। इस दौरान उत्तर प्रदेश में इंडियन ऑयल के बढ़ते योगदान को रेखांकित किया गया। राज्य की एकमात्र मथुरा रिफाइनरी (8.0 MMTPA क्षमता) ने ताज ट्रेपेज़ियम ज़ोन के पर्यावरणीय मानकों का पालन करते हुए वित्त वर्ष 2025–26 में 10.05 MMT का रिकॉर्ड थ्रूपुट हासिल किया। राज्य में 13 एलपीजी प्लांट, 13 पोल टर्मिनल, 11 एविएशन फ्यूल स्टेशन और 6,349 रिटेल आउटलेट्स के साथ इंडियन ऑयल औद्योगिक विकास और रोजगार सृजन में प्रमुख भूमिका निभा रहा है।

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