NSA रद्द होने के बाद संभल हिंसा का आरोपी अफरोज रिहा, बोला- शारिक साठा से मेरा कोई संबंध नहीं

Sambhal News: संभल की जामा मस्जिद हिंसा के आरोपी मोहम्मद अफरोज को सुप्रीम कोर्ट से राहत मिलने के बाद मंगलवार रात मुरादाबाद जेल से रिहा कर दिया गया। अदालत ने उसके खिलाफ लगाई गई राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) की कार्रवाई रद्द कर दी थी। रिहाई के बाद अफरोज अपने घर पहुंचा, जहां परिवार के लोगों ने उसका स्वागत किया।

24 नवंबर 2024 को जामा मस्जिद में सर्वे के विरोध के दौरान हिंसा हुई थी। इसमें चार लोगों की मौत हो गई थी, जबकि 29 से अधिक पुलिसकर्मी और प्रशासनिक अधिकारी घायल हुए थे। इस मामले में सपा सांसद जियाउर्रहमान बर्क समेत 37 लोगों को नामजद किया गया था। करीब तीन हजार अज्ञात लोगों के खिलाफ सात मुकदमे दर्ज हुए थे।

जनवरी 2025 में हुई थी गिरफ्तारी

पुलिस ने अफरोज को 17 जनवरी 2025 को गिरफ्तार किया था। पुलिस ने उसके पास से 32 बोर की पिस्टल और कारतूस बरामद होने का दावा किया था। वह करीब 20 महीने 10 दिन जेल में रहा। एसपी विकास चंद्र त्रिपाठी ने बताया कि अफरोज हिस्ट्रीशीटर है। पुलिस उस पर भी अन्य हिस्ट्रीशीटरों की तरह नजर रखेगी।

परिवार ने फैसले को बताया बड़ी राहत

अफरोज के भाई फरोग आलम ने कहा कि उसके सभी दस्तावेजों में नाम मोहम्मद अफरोज है, जबकि पुलिस उसे मुल्ला अफरोज लिखती है। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर राहत जताई। अफरोज ने कहा कि जेल के दिन बेहद दर्दनाक थे और परिवार आर्थिक रूप से टूट गया था। घर लौटने पर उसे खुशी मिली और माहौल ईद जैसा है।

अफरोज ने शारिक साठा से संबंध होने के आरोपों को खारिज करते हुए इसे पुलिस की सोच बताया। उसके भाई शहरोज ने दावा किया कि मामले में उनके भाई के खिलाफ कोई इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य या ऑडियो-वीडियो रिकॉर्डिंग नहीं है। उन्होंने कहा कि अफरोज को छह आपराधिक मामलों में पहले ही जमानत मिल चुकी थी।

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