‘एक कचौड़ी दो समोसा’, भाजपा पर अब नहीं भरोसा, लखनऊ में सपा कार्यालय के बाहर लगी होर्डिंग
Lucknow News: उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव से पहले पोस्टर वार फिर चर्चा में है। लखनऊ स्थित समाजवादी पार्टी (सपा) कार्यालय के बाहर एक बड़ी होर्डिंग लगाई गई है। इसमें भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) और चुनाव आयोग पर तंज कसते हुए नारे लिखे गए हैं। होर्डिंग का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
सपा कार्यालय के बाहर होर्डिंग, अखिलेश यादव की तस्वीर भी
सपा नेता मोहम्मद इखलाक ने पार्टी कार्यालय के बाहर यह होर्डिंग लगवाई है। इसमें सबसे ऊपर बदायूं के सांसद आदित्य यादव और शिवपाल यादव की तस्वीरें हैं। इनके नीचे बड़े आकार में सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव की तस्वीर लगाई गई है। होर्डिंग के निचले हिस्से में मोहम्मद इखलाक की तस्वीर भी है।
होर्डिंग के बीच में बीजेपी और चुनाव आयोग पर निशाना साधते हुए दो नारे लिखे गए हैं। पहला नारा है, “एक कचौड़ी दो समोसा, जनता को बीजेपी पर नहीं है भरोसा।” वहीं, दूसरे नारे में लिखा है, “एक कचौड़ी दो समोसा, चुनाव आयोग पे न करना भरोसा।”
इससे पहले भी उत्तर प्रदेश में अलग-अलग राजनीतिक दलों की ओर से पोस्टर वार देखने को मिला है। पिछले महीने वाराणसी में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आगमन के दौरान विपक्ष की ओर से उनके खिलाफ जगह-जगह पोस्टर लगाए गए थे।
सपा ने विधान परिषद चुनाव में बदले दो उम्मीदवार
इस बीच समाजवादी पार्टी ने विधान परिषद चुनाव के लिए अपने दो उम्मीदवार बदल दिए हैं। पार्टी ने गोरखपुर-फैजाबाद शिक्षक सीट पर पहले घोषित कमलेश यादव की जगह डॉ. संजयन त्रिपाठी को उम्मीदवार बनाया है।
संजयन त्रिपाठी हाल तक बीजेपी में टिकट के दावेदार थे। टिकट नहीं मिलने के बाद उन्होंने पार्टी से दूरी बना ली थी। शुक्रवार को उन्होंने लखनऊ में सपा की सदस्यता ली और अगले ही दिन पार्टी ने उन्हें शिक्षक सीट से उम्मीदवार घोषित कर दिया।
आगरा शिक्षक सीट पर भी बदला प्रत्याशी
सपा ने आगरा शिक्षक सीट पर भी उम्मीदवार बदल दिया है। यहां पहले घोषित राम प्रकाश गुप्ता की जगह मौजूदा विधान परिषद सदस्य आकाश अग्रवाल को प्रत्याशी बनाया गया है।
दोनों सीटों पर उम्मीदवार बदलने के फैसले को पार्टी की चुनावी रणनीति में बदलाव के तौर पर देखा जा रहा है। खासकर बीजेपी से सपा में आए संजयन त्रिपाठी को सदस्यता लेने के अगले ही दिन टिकट दिए जाने से गोरखपुर-फैजाबाद शिक्षक सीट का मुकाबला चर्चा में आ गया है।
उत्तर प्रदेश विधान परिषद की 11 सीटों के लिए 23 अक्टूबर को मतदान होना है। इनमें शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों की सीटें शामिल हैं। चुनाव से पहले प्रमुख दलों की ओर से उम्मीदवारों में बदलाव और नए चेहरों को मैदान में उतारने से राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं।
Also Read; नोएडा में 68 मंजिला इमारत की 43वीं मंजिल से कूदा युवक, शरीर के हुए टुकड़े

