UP Politics: यूपी में सपा-कांग्रेस के बीच सीट शेयरिंग की खींचतान, छोटे दलों से संपर्क बढ़ा रही कांग्रेस
Lucknow News: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 से पहले समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के बीच सीट शेयरिंग को लेकर बातचीत के साथ राजनीतिक गतिविधियां भी तेज हो गई हैं।
दोनों दलों के बीच सीटों की संख्या को लेकर अलग-अलग दावे सामने आ रहे हैं। इसी बीच कांग्रेस ने छोटे क्षेत्रीय दलों और नेताओं से संपर्क बढ़ाना शुरू किया है। इसे पार्टी की गठबंधन रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है।
हाल के दिनों में पूर्व मंत्री और अपनी जनता पार्टी के अध्यक्ष स्वामी प्रसाद मौर्य ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी से मुलाकात की।
इसके बाद जनवादी पार्टी (सोशलिस्ट) के अध्यक्ष संजय चौहान और अपना दल (कमेरावादी) से जुड़े पंकज निरंजन की भी राहुल गांधी से मुलाकात की खबर सामने आई है।
स्वामी प्रसाद मौर्य ने अपनी पार्टी के इंडिया गठबंधन में शामिल होने की घोषणा भी की है।
इन मुलाकातों के बाद कांग्रेस के छोटे दलों के साथ संभावित तालमेल को लेकर चर्चाएं तेज हैं। हालांकि, इन संपर्कों को सपा-कांग्रेस गठबंधन के भविष्य से सीधे जोड़कर देखना अभी जल्दबाजी होगी।
सीट शेयरिंग पर फंसा है पेच
यूपी की 403 विधानसभा सीटों को लेकर सपा और कांग्रेस के बीच सीट बंटवारे पर बातचीत चल रही है।
कांग्रेस की ओर से 150 से ज्यादा सीटों पर चुनाव लड़ने की दावेदारी सामने आई है, जबकि सपा की ओर से इससे काफी कम सीटें देने की चर्चा है। हालिया रिपोर्टों में दोनों दलों के बीच अलग-अलग संभावित फॉर्मूलों का जिक्र किया गया है।

अखिलेश यादव की ओर से यह बात सामने आई है कि गठबंधन में सीटों की संख्या के साथ उम्मीदवार की जीत की संभावना भी महत्वपूर्ण होगी।
वहीं कांग्रेस की ओर से सीटों को लेकर अपनी दावेदारी लगातार रखी जा रही है।
कांग्रेस की रणनीति पर उठ रहे सवाल
छोटे दलों के नेताओं से कांग्रेस की बढ़ती नजदीकी को दो तरह से देखा जा रहा है। पहला, इससे पार्टी सपा के साथ सीट शेयरिंग की बातचीत में अपने संभावित सहयोगियों का दायरा दिखा सकती है।
दूसरा, अगर दोनों दलों के बीच सीटों पर सहमति बनने में देरी होती है तो कांग्रेस के पास दूसरे राजनीतिक विकल्पों पर बातचीत की गुंजाइश बनी रह सकती है।
हालांकि, कांग्रेस की ओर से आधिकारिक तौर पर यह नहीं कहा गया है कि छोटे दलों को साथ लाने की पहल सपा से अलग होकर चुनाव लड़ने की तैयारी है।
इसलिए इसे फिलहाल गठबंधन विस्तार और संगठन मजबूत करने की कोशिश के तौर पर ही देखा जा सकता है।
यूपी में संगठन विस्तार पर जोर
2027 चुनाव को देखते हुए कांग्रेस ने प्रदेश में संगठन को मजबूत करने के लिए गतिविधियां बढ़ाई हैं।
पार्टी नेतृत्व की ओर से सीटों और उम्मीदवारों को लेकर तैयारी की जा रही है। वहीं सपा के साथ सीट शेयरिंग का अंतिम फॉर्मूला अभी तय नहीं हुआ है।
ऐसे में आने वाले दिनों में छोटे दलों के साथ कांग्रेस की बातचीत और सपा के साथ सीट बंटवारे पर होने वाली चर्चा यूपी की विपक्षी राजनीति की दिशा तय करने वाले अहम घटनाक्रमों में शामिल रहेगी।
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