गोरखपुर सपा विवाद में पुलिस का एक्शन, अंशुमान सिंह और बेटों की तलाश में जुटीं 5 टीमें
Gorakhpur News: उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में समाजवादी पार्टी के अंदर चल रहे विवाद के बीच पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है। बांसगांव के पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष अंशुमान सिंह और उनके दो बेटों कमलेश सिंह व विमलेश सिंह समेत अन्य आरोपियों की तलाश में पुलिस की पांच टीमें लगाई गई हैं। पुलिस ने रविवार को इस मामले में अंकित कुमार गौड़ को गिरफ्तार किया था।
अंकित गोरखपुर के शाहपुर क्षेत्र के आजादनगर बिछिया का रहने वाला है। उसे अंशुमान सिंह का समर्थक बताया जा रहा है। पुलिस ने अंशुमान सिंह के परिवार के पास मौजूद असलहों के लाइसेंस निरस्त कराने के लिए जिला प्रशासन को रिपोर्ट भी भेजी है। इसके अलावा अवैध कब्जे से जुड़ी शिकायत की जांच भी शुरू कर दी गई है।
एसपी सिटी निमिष पाटील ने कहा कि मामले में फरार अन्य आरोपियों को जल्द गिरफ्तार किया जाएगा।
प्रेस क्लब में फायरिंग का आरोप
मामला शनिवार को गोरखपुर प्रेस क्लब में सपा की प्रेसवार्ता के दौरान सामने आया। पूर्व सपा जिलाध्यक्ष नगीना प्रसाद साहनी की तहरीर पर कैंट पुलिस ने अंशुमान सिंह, उनके बेटे कमलेश सिंह और विमलेश सिंह समेत 10-12 अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है।
नगीना प्रसाद साहनी ने शिकायत में बताया कि 3 अक्टूबर को दोपहर करीब 2:15 बजे प्रेस क्लब में सपा जिलाध्यक्ष बृजेश गौतम की प्रेसवार्ता चल रही थी। इसी दौरान अंशुमान सिंह अपने दोनों बेटों और अन्य लोगों के साथ वहां पहुंचे।
आरोप है कि कमलेश सिंह और विमलेश सिंह ने असलहे से उनकी ओर फायर किया, लेकिन गोली नहीं लगी। इसके बाद गाली-गलौज करते हुए जान से मारने की धमकी दी गई। नगीना प्रसाद साहनी के मुताबिक, सपा नेता संजय पहलवान बीच में आ गए, जिससे उनकी जान बच सकी।
संजय पहलवान को भी धमकी देने का आरोप
नगीना साहनी का आरोप है कि घटना के बाद संजय पहलवान को भी जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल करते हुए गाली दी गई और जान से मारने की धमकी दी गई। शिकायत के मुताबिक, पूरी घटना के बाद आरोपी असलहे लहराते हुए दोनों को बाहर आने की चुनौती देते हुए वहां से चले गए।
कैंट पुलिस ने शिकायत के आधार पर केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस फरार आरोपियों की तलाश में उनके संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है।
एसपी सिटी निमिष पाटील ने बताया कि अंशुमान सिंह, उनके बेटों और अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पांच पुलिस टीमें लगाई गई हैं। उन्होंने कहा कि एक आरोपी को गिरफ्तार किया जा चुका है और बाकी आरोपियों को भी जल्द गिरफ्तार किया जाएगा। परिवार के पास मौजूद दो असलहों के लाइसेंस निरस्त कराने के लिए रिपोर्ट भेजी गई है।

