फ्लाईदुबई घटना: ट्रंप ने जताया ईरान पर संदेह, उपराष्ट्रपति वेंस बोले- बिना सबूत कुछ कहना जल्दबाजी

Sandesh Wahak Digital Desk: फ्लाईदुबई विमान से जुड़ी संदिग्ध आतंकी घटना को लेकर अमेरिकी शीर्ष नेतृत्व में अलग-अलग राय देखने को मिल रही है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने आशंका जताई है कि इस घटना के तार ईरान से जुड़े हो सकते हैं। पत्रकारों से बातचीत में ट्रंप ने कहा कि व्यक्तिगत रूप से उनका मानना है कि इस हमले के प्रयास के पीछे तेहरान का ही हाथ था, हालांकि उन्होंने अपने इस दावे के पक्ष में कोई आधिकारिक दस्तावेज या सबूत पेश नहीं किया।

दूसरी तरफ, उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने इस मुद्दे पर बेहद नपा-तुला रुख अपनाया। वेंस का कहना है कि अब तक ऐसे कोई पुख्ता साक्ष्य सामने नहीं आए हैं जो सीधे तौर पर ईरान की संलिप्तता को साबित करते हों। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे इस मामले में जल्दबाजी में किसी निष्कर्ष पर पहुंचने के बजाय सीआईए निदेशक जॉन रैटक्लिफ और खुफिया एजेंसियों की जांच रिपोर्ट का इंतजार करेंगे।

विदेशी पायलटों और उड़ानों के सुरक्षा मानकों की समीक्षा

इस घटनाक्रम के बाद अमेरिकी प्रशासन हरकत में आ गया है। उपराष्ट्रपति वेंस के अनुसार, देश के भीतर विदेशी पायलटों से जुड़े सुरक्षा प्रोटोकॉल का पुनर्मूल्यांकन किया जा रहा है। इसका मकसद यह सुनिश्चित करना है कि विमानन सुरक्षा के लिए खतरा बनने वाले किसी भी संदिग्ध व्यक्ति को कॉकपिट की कमान न सौंपी जाए।

अमेरिकी बॉम्बर्स का रूट बदला गया

ब्रिटेन में पैदा हुए एक अन्य सुरक्षा खतरे पर ट्रंप प्रशासन अधिक सख्त नजर आया। ट्रंप ने पुष्टि की कि संभावित खतरे को देखते हुए अमेरिकी बमवर्षक विमानों (बॉम्बर्स) को एहतियातन दूसरी सुरक्षित लोकेशन पर री-लोकेट किया गया है। ईरानी ड्रोन्स की मौजूदगी और खतरों के सवाल पर ट्रंप ने चेतावनी दी कि यदि ईरान का इसमें कोई हाथ पाया गया, तो उसे इसकी भारी कीमत चुकानी होगी। उन्होंने कहा कि अमेरिका को धमकी देने वाले तत्वों की पहचान कर ली गई है और वे अब गंभीर संकट में हैं।

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