पसमांदा समाज के विकास पर दानिश आजाद का जोर, बोले- शिक्षा और रोजगार सर्वोच्च प्राथमिकता
Lucknow News: उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री दानिश आजाद अंसारी ने पसमांदा समाज के सामाजिक और आर्थिक विकास के लिए शिक्षा, कौशल विकास और रोजगार को सबसे अहम बताया है। उन्होंने कहा कि बच्चों को बेहतर शिक्षा से जोड़ने के साथ युवाओं को कौशल प्रशिक्षण और रोजगार के अवसर देना जरूरी है। इससे आत्मनिर्भरता का लक्ष्य हासिल करने में मदद मिलेगी।
सरकारी योजनाओं का लाभ जरूरतमंदों तक पहुंचाने पर जोर
मंगलवार को लखनऊ में अखिल भारतीय पसमांदा मुस्लिम मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष जावेद मलिक की ओर से ‘पसमांदा मुस्लिम संवाद, हालात, समस्या और समाधान’ कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए दानिश आजाद अंसारी ने कहा कि सरकारी योजनाओं का वास्तविक लाभ पात्र और जरूरतमंद लोगों तक पहुंचना सुनिश्चित किया जाना चाहिए।
उन्होंने समाज के लोगों से सरकारी योजनाओं की जानकारी हासिल कर उनका लाभ उठाने की अपील की। साथ ही बच्चों की शिक्षा पर विशेष ध्यान देने को कहा।
दानिश आजाद ने कहा कि पसमांदा समाज की प्रगति केवल सरकारी प्रयासों से संभव नहीं है। इसके लिए समाज की सक्रिय भागीदारी भी जरूरी है। उन्होंने प्राथमिक से लेकर उच्च शिक्षा तक बच्चों को आगे बढ़ाने, युवाओं को कौशल से जोड़ने और रोजगार के अवसर बढ़ाने पर सामूहिक प्रयास की जरूरत बताई।
शिक्षा और अधिकारों के प्रति जागरूकता पर जोर
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के सदस्य प्रियंक कानूनगो ने कहा कि पसमांदा समाज की समस्याओं और सुझावों को संवाद के माध्यम से लिखित रूप में सरकार तक पहुंचाया जाएगा। उन्होंने शिक्षा को बुनियादी अधिकारों और सामाजिक सशक्तिकरण का महत्वपूर्ण माध्यम बताया। साथ ही लोगों में अपने अधिकारों को लेकर जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया।
राष्ट्रीय अल्पसंख्यक शैक्षिक संस्था के कार्यकारी अध्यक्ष डॉ. शाहिद अख्तर ने बेटियों की शिक्षा, उच्च शिक्षा, छात्रवृत्ति और डिजिटल शिक्षा को प्राथमिकता देने की बात कही।
पारंपरिक हुनर को बाजार से जोड़ने पर जोर
भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता गुरु प्रकाश पासवान ने समान अवसर और विकास में भागीदारी को लोकतांत्रिक व्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार बताया। वहीं महाराष्ट्र सरकार की पसमांदा अध्ययन समिति के अध्यक्ष इदरीश मुल्तानी ने समाज की स्थिति पर तथ्य आधारित अध्ययन और व्यावहारिक समाधान की जरूरत बताई। उन्होंने पारंपरिक हुनर को आधुनिक तकनीक और बाजार से जोड़ने पर जोर दिया।
कार्यक्रम के अंत में शिक्षा, रोजगार, आत्मनिर्भरता और सम्मानजनक सामाजिक भागीदारी को लेकर संकल्प लिया गया। संवाद में सामाजिक कार्यकर्ताओं, बुद्धिजीवियों और पसमांदा समाज के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

