हम मिशन के लिए जीने वाले लोग, 2047 तक विकसित भारत का सपना होगा पूरा: पीएम मोदी

Sandesh Wahak Digital Desk: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विकसित भारत संकल्प सभा को संबोधित करते हुए देश के भविष्य को लेकर बुलंद इरादे जताए। उन्होंने कहा कि भारत में आज जो ऊर्जा और आत्मविश्वास दिख रहा है, वह अद्वितीय है। देश 2047 तक विकसित राष्ट्र बनने, दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने, आत्मनिर्भर भारत के निर्माण, मैन्युफैक्चरिंग हब बनने और ओलंपिक के सफल आयोजन जैसे बड़े लक्ष्यों को हासिल करके रहेगा। पीएम ने कहा कि जिस देश के नागरिकों की रगों में ऐसा अटूट आत्मविश्वास दौड़ता हो, उसकी प्रगति को कोई रोक नहीं सकता। अपने 25 वर्षों के निरंतर सार्वजनिक सेवा के सफर को उन्होंने व्यक्तिगत महिमामंडन की बजाय देश के प्रति अपनी साधना बताया।

एम्बिशन नहीं, मिशन के लिए जीवन

पीएम मोदी ने अपने शुरुआती जीवन और राजनीतिक यात्रा का उल्लेख करते हुए कहा कि वे कभी पद के लिए नहीं जिए। उन्होंने बचपन से ही एम्बिशन (महत्वाकांक्षा) की जगह मिशन के लिए जीना सीखा है। अपने स्कूली दिनों को याद करते हुए उन्होंने बताया कि सीखने की जो ललक उनके भीतर तब थी, वह आज भी कायम है और वे खुद को हमेशा एक विद्यार्थी मानते हैं। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अनगिनत स्वयंसेवकों के समर्पण को नमन करते हुए उन्होंने कहा कि निस्वार्थ सेवा ही उनका मार्गदर्शक रही है।

कर्म ही धर्म: ‘मा फलेषु कदाचन’ का संदेश

भाषण के दौरान उन्होंने गीता के उपदेश ‘मा फलेषु कदाचन’ का जिक्र करते हुए कहा कि उनका पूरा ध्यान केवल निरंतर कर्म करने पर है, फल या श्रेय की चिंता पर नहीं। देश की उपलब्धियों पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि स्पष्ट नीतियों के कारण ही आज भारत सौर ऊर्जा के क्षेत्र में दुनिया में अग्रणी है और कृषि क्षेत्र में भी अभूतपूर्व बदलाव आए हैं।

तुष्टिकरण नहीं, सबका समाधान और सर्वसमावेशी विकास

समाज को वोट बैंक के आधार पर बांटने वाली राजनीति पर हमला बोलते हुए पीएम ने कहा कि समस्याएं जैसे पानी और बिजली की किल्लत हर नागरिक को प्रभावित करती हैं, इसलिए समाधान भी सभी के लिए समान होना चाहिए। उन्होंने दोहराया कि इस पवित्र भूमि की सेवा का अवसर मिलना ही सबसे बड़ा सौभाग्य है।

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