पटना में RJD का आक्रोश मार्च, CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे पर अड़ा विपक्ष
Sandesh Wahak Digital Desk: बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव की अगुवाई में आरजेडी समेत पूरे महागठबंधन ने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर पटना की सड़कों पर जोरदार आक्रोश मार्च निकाला। इस दौरान बिहार लोक भवन की तरफ बढ़ रहे प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच तीखी झड़प देखने को मिली। हालात तब और तनावपूर्ण हो गए जब तेजस्वी यादव पुलिस की लोहे की बैरिकेडिंग को लांघकर आगे निकल गए। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए तेजस्वी यादव और वीआईपी प्रमुख मुकेश सहनी समेत विपक्ष के प्रमुख नेताओं को हिरासत में ले लिया।
सरकार पर ज्ञानेश कुमार को बचाने का आरोप
लोक भवन मार्च के दौरान तेजस्वी यादव ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार मुख्य चुनाव आयुक्त को बचाने के लिए अपनी पूरी मशीनरी का इस्तेमाल कर रही है। शहर भर में लगाए गए सुरक्षा घेरों पर नाराजगी जाहिर करते हुए उन्होंने कहा कि प्रशासन चाहे जितनी बैरिकेडिंग कर ले, लेकिन जनता वोट चोरी करने वालों को कभी माफ नहीं करेगी। लोकतंत्र और संविधान को नुकसान पहुँचाने वाली ताकतों को जनता खुद सबक सिखाएगी।
तेजस्वी यादव ने केंद्र सरकार और चुनाव आयोग पर हमला बोलते हुए कहा कि इस विरोध प्रदर्शन का मकसद भविष्य में निष्पक्ष चुनाव की नींव रखना है। उन्होंने आरोप लगाया कि CEC ज्ञानेश कुमार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह की मिलीभगत से वोटों की धांधली की गई, जिसकी बदौलत बीजेपी सत्ता में आई।
Patna, Bihar: Assembly LoP Tejashwi Yadav, along with other Opposition leaders, crosses barricades as they continue their march towards Lok Bhavan. pic.twitter.com/9d7WIEduXe
— IANS (@ians_india) October 8, 2026
लोकतंत्र की हत्या कर रही है सरकार: मीसा भारती
मार्च में शामिल RJD सांसद मीसा भारती ने प्रशासनिक सख्ती पर सवाल उठाते हुए कहा कि केंद्र और राज्य सरकार पूरी तरह तानाशाही पर उतर आई है। सड़कों पर पुलिस का पहरा इस बात का सबूत है कि अब जनता और उनके प्रतिनिधियों को हक की आवाज उठाने से रोका जा रहा है, जबकि विपक्ष ने शांतिपूर्ण मार्च की अनुमति मांगी थी।
इससे पहले 7 अक्टूबर को राज्य के सभी 534 ब्लॉक मुख्यालयों पर विरोध प्रदर्शन किए गए थे। इस आंदोलन में आरजेडी, कांग्रेस, माले, सीपीएम, सीपीआई और वीआईपी समेत अन्य दल कंधे से कंधा मिलाकर खड़े हैं। विपक्ष की स्पष्ट मांग है कि मुख्य चुनाव आयुक्त पद छोड़ें, SIR मामले पर ठोस कार्रवाई हो और चुनावी प्रक्रियाओं में हुई कथित अनियमितताओं की उच्चस्तरीय जाँच की जाए।

