UP में मेडिकल किट खरीद में बड़ा खेल, एक की जगह 100 गुना ऑर्डर, सप्लाई चेन GM बर्खास्त
UPMSCL Scam: उत्तर प्रदेश में सरकारी अस्पतालों के लिए मेडिकल जांच किट और उपकरणों की खरीद में बड़ी अनियमितता का मामला सामने आया है। यूपी मेडिकल सप्लाई कॉरपोरेशन (UPMSCL) में वर्ष 2024 के एक टेंडर के तहत जरूरत से करीब 100 गुना अधिक खरीद आदेश जारी किए जाने का मामला सामने आया है। प्रकरण में सप्लाई चेन की महाप्रबंधक (GM) सुगंधा शर्मा को बर्खास्त कर दिया गया है। मामला अब अदालत तक पहुंच चुका है।
आरोप है कि टेंडर की शर्तों और खरीद आदेश में गड़बड़ी के कारण एक कंपनी को अनुचित फायदा मिला। इस मामले में अधिकारियों की भूमिका और खरीद प्रक्रिया की जांच भी की जा रही है।
प्रति नग की दर पर प्रति पैकेट का ऑर्डर
विभागीय सूत्रों के अनुसार, यह मामला राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के बजट से होने वाली खरीद से जुड़ा है। वर्ष 2024 में संबंधित कंपनी ने जांच किट और उपकरणों के लिए प्रति नग के हिसाब से दर दी थी, लेकिन अधिकारियों ने उसी दर पर प्रति पैकेट के हिसाब से खरीद आदेश जारी कर दिया।
इससे ऑर्डर की मात्रा वास्तविक जरूरत से बहुत अधिक हो गई। कंपनी ने जारी आदेश के अनुसार सप्लाई भी कर दी। आरोप है कि इस प्रक्रिया से कंपनी को फायदा पहुंचा और सरकारी खरीद में बड़ी अनियमितता हुई।
मामले की शिकायत उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक से की गई थी। इसके बाद प्रमुख सचिव स्तर पर जांच शुरू हुई, जिसमें खरीद प्रक्रिया से जुड़ी गड़बड़ियों का खुलासा होने की बात सामने आई।
चार जिलों की खरीद की जांच कर रही ED
इस मामले (UPMSCL Scam) के बीच NHM और यूपी मेडिकल सप्लाई कॉरपोरेशन से जुड़ी खरीद की जांच प्रवर्तन निदेशालय (ED) भी कर रही है। जांच के दायरे में श्रावस्ती, बहराइच, गोंडा और बलरामपुर के सरकारी अस्पताल हैं।
ED ने वर्ष 2013 से 2025-26 तक इन जिलों में दवाओं और उपकरणों की खरीद, सप्लाई, टेंडर और जारी बजट का रिकॉर्ड मांगा था। हालांकि, विभागीय स्तर पर पिछले सात वर्षों की खरीद से जुड़े सभी रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं कराए जाने की बात भी सामने आई है।
मामले (UPMSCL Scam) में अब अदालत की कार्रवाई और जांच के आगे बढ़ने के साथ खरीद आदेश जारी करने वाले अधिकारियों की भूमिका पर भी नजर है।

