लखनऊ में नौकरी के नाम पर करोड़ों की ठगी, लापता डॉक्टर की तलाश में जुटी पुलिस
Lucknow Job Fraud News: लखनऊ के मड़ियांव इलाके से 5 अक्टूबर को रहस्यमय हालात में लापता हुए BAMS डॉक्टर सत्यरत्न सिंह पर करोड़ों रुपये की ठगी करने का आरोप है। पुलिस की जांच में सामने आया है कि डॉक्टर ने 15 से 20 लोगों से नौकरी दिलाने के नाम पर पैसे लिए थे। इनमें कई बेरोजगार युवा भी शामिल हैं। आरोप है कि उसने लोहिया संस्थान समेत कई अन्य विभागों में नौकरी लगवाने का भरोसा दिया था। पुलिस की टीमें डॉक्टर की तलाश में लगातार दबिश दे रही हैं।
जांच में पुलिस को डॉक्टर की आखिरी लोकेशन पुरनिया चौराहे पर मिली थी। इसके बाद सोमवार देर रात उसका मोबाइल फोन बंद हो गया। तब से फोन दोबारा चालू नहीं हुआ। पुलिस ने डॉक्टर की पत्नी डॉ. शिप्रा की मदद से पुरनिया चौराहे के पास से उसकी कार भी बरामद कर ली है। इसी कार से वह 5 अक्टूबर को घर से निकला था, लेकिन वापस नहीं लौटा।
परिचित ने बताई थी पीछा किए जाने की बात
डॉ. शिप्रा के मुताबिक, पति का फोन बंद मिलने पर वह परेशान थीं। इसी बीच सत्यरत्न के परिचित प्रखर पांडेय उनके घर पहुंचे। प्रखर ने बताया कि सत्यरत्न ने फोन करके कहा था कि हजरतगंज में दो स्कॉर्पियो सवार लोग उसका पीछा कर रहे हैं। सूचना मिलने पर प्रखर हजरतगंज पहुंचे, लेकिन वहां उन्हें न सत्यरत्न मिला और न ही पीछा करने वाले लोग। उसका मोबाइल भी बंद मिला।
इसके बाद शिप्रा ने प्रखर पांडेय और कुछ अज्ञात लोगों के खिलाफ तहरीर देकर अपहरण का मुकदमा दर्ज कराया था। मड़ियांव इंस्पेक्टर के मुताबिक, पुलिस डॉक्टर की तलाश में संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है।
नौकरी के नाम पर परिचित से भी लिए 7.5 लाख रुपये
एसीपी अलीगंज शशि प्रकाश मिश्र ने बताया कि डॉक्टर ने प्रखर के परिवार के एक सदस्य को नौकरी दिलाने के नाम पर उससे 7.5 लाख रुपये लिए थे। इसके अलावा कई अन्य लोगों से भी पैसे लेने की बात सामने आई है। नौकरी नहीं लगने पर लोग डॉक्टर से अपने रुपये वापस मांग रहे थे।
पुलिस को आशंका है कि रुपये लौटाने के दबाव से बचने के लिए डॉक्टर ने अपहरण की झूठी कहानी रची और खुद लापता हो गया। हालांकि, पुलिस उसकी तलाश और पूरे मामले की जांच कर रही है।
माल में जमीन के बैनामे में धोखाधड़ी का मुकदमा
लखनऊ के माल थाना क्षेत्र में फर्जी व्यक्ति को असली बताकर कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर जमीन का बैनामा कराने के मामले में पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया है। बीरपुर निवासी अर्जुन विमल की तहरीर पर आनंद दीक्षित, दीपेंद्र सिंह, महेंद्र, ललित और हजारी प्रसाद के खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी और कूटरचना समेत अन्य धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई है।
अर्जुन विमल के मुताबिक, रहीमाबाद क्षेत्र के चैना गांव निवासी आनंद दीक्षित, दीपेंद्र सिंह और ललित ने सालेह नगर स्थित गाटा संख्या 329क की जमीन खरीदवाने की बात कही थी। जमीन का सौदा 36 लाख रुपये में तय हुआ था। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
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