पीयूष गोयल ने राहुल गांधी पर किया तीखा पलटवार, बोले- आपने सिटिंग CEC को दिया पद्मविभूषण, दो को बनाया राज्यपाल
Sandesh Wahak Digital Desk: चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ विपक्षी दलों के विरोध प्रदर्शनों के बीच भारतीय जनता पार्टी ने आक्रामक रुख अपना लिया है। केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने मंगलवार को बीजेपी मुख्यालय में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कांग्रेस पार्टी और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर जमकर निशाना साधा। गोयल ने चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर उठाए जा रहे सवालों को पूरी तरह बेबुनियाद और बचकाना करार दिया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार ने चुनाव आयोग को देशहित और जनहित में पूरी तरह से स्वतंत्र और स्वायत्त तरीके से काम करने की छूट दी है।
कांग्रेस पर चुनाव आयोग के दुरुपयोग का आरोप
केंद्रीय मंत्री ने कांग्रेस के पुराने ट्रैक रिकॉर्ड का हवाला देते हुए कहा कि विपक्षी पार्टी ने अपने शासनकाल में चुनाव आयोग के दफ्तर को बहुत निचले स्तर तक गिराया था। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने अतीत में मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) और अन्य चुनाव अधिकारियों को राजनीतिक लाभ, राज्यपाल के पद, केंद्रीय कैबिनेट में मंत्री पद और चुनाव टिकटों से नवाजा है।
गोयल ने पूर्व सीईसी टीएन शेषन और एमएस गिल का उदाहरण देते हुए कहा कि सेवानिवृत्ति के बाद उन्हें किस प्रकार राजनीतिक उपकृतियां दी गईं। इसके अलावा, उन्होंने केरल और राजस्थान के हालिया प्रशासनिक घटनाक्रमों का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि कांग्रेस और उसके सहयोगियों ने प्रशासनिक पदों का राजनीतिक इस्तेमाल किया है।
LIVE: Shri @PiyushGoyal & Shri @LalanSingh_1 jointly address a press conference at party headquarters in New Delhi. https://t.co/0KFnbEhjoN
— BJP (@BJP4India) October 13, 2026
पारदर्शी प्रक्रिया से होती है नियुक्ति
पीयूष गोयल ने मौजूदा चयन प्रक्रिया का बचाव करते हुए कहा कि पहले की सरकारों में सरकार अपनी मर्जी से किसी को भी चुनाव आयुक्त चुन लेती थी, लेकिन साल 2023 में प्रधानमंत्री मोदी की सरकार ने ऐतिहासिक कानूनी प्रावधान किया। इस नए कानून के तहत अब लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष भी चयन समिति का हिस्सा होते हैं, जिससे प्रधानमंत्री के साथ मिलकर यह तय किया जाता है कि देश का अगला मुख्य चुनाव आयुक्त कौन होगा।
Also Read: किरण बेदी ने जंतर-मंतर को प्रदर्शन स्थल बनाने को बताया बड़ी गलती, फैसले का किया समर्थन

