Basti News: हरे पेड़ की कटान पर कप्तानगंज पुलिस-वन विभाग मौन, शिकायत के बाद भी आरोपी पर कार्रवाई नहीं
Basti News: उत्तर प्रदेश में पर्यावरण संरक्षण और हरियाली की सुरक्षा का दावा करने वाला प्रशासनिक अमला जमीनी स्तर पर सुस्त नजर आ रहा है। ताजा मामला बस्ती जिले के कप्तानगंज थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम लोढ़वा का है, जहां चकमार्ग (सरकारी जमीन) पर उगे हरे महुआ के पेड़ को काटने और उठा ले जाने के बावजूद पुलिस व वन विभाग हाथ पर हाथ धरे बैठा है।
क्या है पूरा विवाद
जानकारी के अनुसार, लोढ़वा गांव निवासी शिवनाथ यादव (पुत्र राम लौट) पर आरोप है कि उसने गत रविवार (11 अक्टूबर) को चकमार्ग पर स्थित हरा-भरा महुआ का पेड़ काट दिया और लकड़ी उठाकर ले गया। इस जमीन और पेड़ को लेकर गांव के ही तिलकराम यादव और शिवनाथ यादव के बीच पहले से ही कानूनी विवाद चल रहा है।
पेड़ काटे जाने की जानकारी मिलते ही पीड़ित तिलकराम यादव ने तत्काल डायल 112 पर पुलिस को सूचना दी। हालांकि, मौके पर पहुंची पुलिस ने आरोपी के खिलाफ कोई कानूनी कदम उठाने के बजाय पीड़ित को दुबौला पुलिस चौकी जाने की सलाह देकर अपना पल्ला झाड़ लिया।
चौकी और वन दरोगा के चक्कर लगा रहा पीड़ित
डायल 112 से निराशा मिलने के बाद तिलकराम ने दुबौला चौकी और वन दरोगा के पास लिखित शिकायत दर्ज कराई। पीड़ित का आरोप है कि चार दिन बीत जाने के बाद भी न तो प्राथमिकी (FIR) दर्ज की गई और न ही आरोपी पर कोई सख्त कार्रवाई हुई। पीड़ित ने बताया कि वन दरोगा जांच के लिए आरोपी के घर तक पहुंचे थे, लेकिन कार्रवाई करने से कतरा रहे हैं। वहीं दुबौला चौकी पुलिस भी हीलाहवाली कर रही है।
प्रशासनिक रुख और चौकी प्रभारी का बयान
इस मामले पर जब दुबौला चौकी प्रभारी से बात की गई तो उन्होंने बताया कि शिकायत प्राप्त हुई है और लेखपाल तथा वन विभाग से संपर्क साधा गया है। पेड़ चकमार्ग की जमीन पर था, इसलिए राजस्व विभाग (लेखपाल) की रिपोर्ट आने के बाद आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी। उधर, वन दरोगा से दूरभाष पर संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनसे बातचीत नहीं हो सकी।
स्थानीय लोगों का कहना है कि पुलिस और वन कर्मियों की ढिलाई के कारण ही अवैध पेड़ कटान करने वालों के हौसले बुलंद हैं, जिससे शिकायतकर्ता खुद को असहाय महसूस कर रहे हैं।

