‘पैसे कमाएं और कर्ज चुकाएं’, राजपाल यादव को सुप्रीम कोर्ट से राहत, कनाडा जाने के लिए मिलेगा पासपोर्ट
Bollywood News: चेक बाउंस मामले में कानूनी विवाद का सामना कर रहे अभिनेता राजपाल यादव को सुप्रीम कोर्ट से राहत मिली है।
कोर्ट ने उनका पासपोर्ट जारी करने का निर्देश दिया है, ताकि वह शूटिंग के सिलसिले में कनाडा जा सकें और काम करके कर्ज चुका सकें।
सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश (CJI) ने उनसे कहा, “जाइए, पैसे कमाइए और कर्ज चुकाइए।”
सुप्रीम कोर्ट राजपाल यादव और उनके लेनदारों के बीच चल रहे वित्तीय विवाद को सुलझाने में मदद के लिए एक मध्यस्थ भी नियुक्त करेगा।
पासपोर्ट जारी होने के बाद अभिनेता के लिए कनाडा जाकर काम करने का रास्ता साफ होने की उम्मीद है। कोर्ट की टिप्पणी से भी संकेत मिला कि वह चाहते हैं कि राजपाल काम करें और अपनी देनदारी चुकाने की दिशा में आगे बढ़ें।
इससे पहले 7 अक्टूबर को राजपाल यादव सुप्रीम कोर्ट में पेश हुए थे। उस दौरान CJI ने उनसे अच्छी फिल्में बनाने और लोगों का मनोरंजन करते रहने की बात कही थी।
कोर्ट में छलका था राजपाल यादव का दर्द
पिछली सुनवाई के दौरान अभिनेता ने अपनी आर्थिक परेशानियों का जिक्र किया था। उन्होंने कहा था कि लोगों का मनोरंजन करते-करते वह खुद एक ड्रामा बन गए हैं।
राजपाल के मुताबिक, उनकी फिल्म को लेकर हुए विवाद के कारण उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा।
अभिनेता ने दावा किया था कि फिल्म में उन्हें करीब 17 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ और पिछले 13 साल से फिल्म बनाने में बाधाएं आईं।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया था कि 5 करोड़ रुपये के विवाद के कारण उन्हें लगभग 22 करोड़ रुपये का नुकसान उठाना पड़ा।
राजपाल यादव ने कोर्ट में कहा था कि वह करीब 200 फिल्मों में काम कर चुके हैं और अब उन्हें फिर से काम मिलने लगा है। उन्होंने भरोसा दिलाया था कि वह लेनदारों की रकम चुका देंगे।
क्या है पूरा मामला?
राजपाल यादव ने अपनी फिल्म ‘अता पता लापता’ बनाने के लिए मुरली प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड से करीब 5 करोड़ रुपये का कर्ज लिया था।
साल 2012 में रिलीज हुई यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर सफल नहीं रही। इसके बाद कर्ज की रकम को लेकर विवाद बढ़ा और मामला अदालत तक पहुंच गया।
चेक बाउंस मामले में अभिनेता को जेल भी जाना पड़ा था। अब सुप्रीम कोर्ट से मिली राहत के बाद उनके लिए विदेश जाकर काम करने की संभावना बनी है।
हालांकि, कर्ज और कानूनी विवाद का अंतिम समाधान आगे की कार्यवाही पर निर्भर करेगा।

