IND vs WI: ‘मैं सभी को खुश करने नहीं आया’, बेंगलुरु टी20 से पहले रोस्टन चेज का बेबाक बयान
IND vs WI 5th T20I: भारत और वेस्टइंडीज के बीच पांच मैचों की टी20 इंटरनेशनल सीरीज का निर्णायक मुकाबला 17 अक्टूबर को बेंगलुरु में खेला जाएगा।
इस मैच से पहले वेस्टइंडीज के ऑलराउंडर रोस्टन चेज ने अपनी कप्तानी, टीम में भूमिका और क्रिकेट के तीनों फॉर्मेट को लेकर खुलकर बात की।
उन्होंने साफ कहा कि उनका लक्ष्य सभी को खुश करना नहीं, बल्कि टीम के हित में सही फैसले लेना है।
बातचीत में चेज ने बताया कि वह खिलाड़ियों की राय सुनते हैं, लेकिन टीम के लिए जो फैसला सही लगता है, उस पर कायम रहते हैं।
उन्होंने अपने कप्तानी के अंदाज को शांत बताया, हालांकि माना कि कभी-कभी वह जिद्दी भी हो जाते हैं।
चेज के मुताबिक, कप्तान की जिम्मेदारी जीत और हार से परे हर खिलाड़ी से उसका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करवाना और उसका आत्मविश्वास बनाए रखना है।
पिच के हिसाब से बदलते हैं गेंदबाजी की रणनीति
वेस्टइंडीज के लिए तीनों फॉर्मेट में खेलने वाले चेज ने कहा कि परिस्थितियों को समझना और स्कोरबोर्ड के मुताबिक रणनीति बनाना बेहद जरूरी है।
भारत की सपाट पिचों और कैरेबियाई परिस्थितियों के अंतर पर उन्होंने बताया कि गेंद की लाइन और रफ्तार में बदलाव करना पड़ता है।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यॉर्कर डालते समय गेंद की रफ्तार बनाए रखना उनकी रणनीति का हिस्सा है, ताकि बल्लेबाज को आसानी से शॉट खेलने का मौका न मिले।
टी20 में गेंदबाजी ऑलराउंडर की भूमिका
चेज ने बताया कि मौजूदा टी20 टीम में उनकी मुख्य भूमिका गेंदबाजी ऑलराउंडर की है। हालांकि, बल्लेबाजी क्रम में उनकी जगह परिस्थितियों के हिसाब से बदल सकती है।

वह मध्यक्रम से लेकर निचले क्रम तक और जरूरत पड़ने पर ओपनिंग भी कर सकते हैं।
चेज ने मुश्किल हालात में भी टीम के लिए योगदान देने की अपनी प्रतिबद्धता का जिक्र किया।
उन्होंने पाकिस्तान के खिलाफ टेस्ट में उंगली की चोट के बावजूद खेलने और सीपीएल 2024 के फाइनल में बीमारी के बीच मैदान पर डटे रहने के अनुभव भी साझा किए।
दो साल बाद टेस्ट टीम में वापसी, फिर मिली कप्तानी
मई 2025 में चेज को वेस्टइंडीज की टेस्ट टीम का कप्तान बनाया गया था, जबकि वह करीब दो साल से टेस्ट क्रिकेट नहीं खेले थे।
उन्होंने बताया कि कोच डेरेन सैमी से बातचीत के बाद उन्हें रेड-बॉल क्रिकेट में वापसी का मौका मिला।
चेज ने टेस्ट क्रिकेट को अपना पहला प्यार बताते हुए कहा कि सीमित ओवरों के क्रिकेट पर ध्यान देने के बावजूद उन्होंने इस चुनौती को स्वीकार किया।
अब भारत के खिलाफ निर्णायक टी20 मुकाबले में उनके प्रदर्शन और नेतृत्व पर नजर रहेगी।
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