Bareilly News: बिजली के तार चोरी करने वाले गैंग का पर्दाफाश, 4 शातिर गिरफ्तार
Bareilly News: उत्तर प्रदेश के बरेली जिले की थाना फतेहगंज पूर्वी पुलिस को बिजली के तार चोरी करने वाले एक सक्रिय गिरोह के खिलाफ बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस टीम ने चेकिंग और गश्त के दौरान मुखबिर की सटीक सूचना पर कार्रवाई करते हुए, थाना क्षेत्र में बिजली के तार चोरी की कई वारदातों को अंजाम देने वाले चार शातिर वांछित अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उनके कब्जे से 25 किलोग्राम चोरी का एल्युमिनियम तार, तार काटने के उपकरण (प्लास आदि) और चार मोबाइल फोन (तीन स्मार्टफोन और एक की-पैड) बरामद किए हैं। गिरफ्तार सभी आरोपियों के खिलाफ विधिक कार्रवाई पूरी कर न्यायालय के समक्ष पेश कर जेल भेज दिया गया है।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, थाना फतेहगंज पूर्वी में दो अलग-अलग मामले दर्ज थे पहला मुकदमा अपराध संख्या 223/2026 और दूसरा मुकदमा अपराध संख्या 306/2026, जो भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 303(2) व 317(2) (तार चोरी व चोरी का माल बरामदगी) के तहत दर्ज किए गए थे। इन मामलों में लंबे समय से वांछित चल रहे अभियुक्तों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम क्षेत्र में सक्रिय थी। शुक्रवार को पुलिस टीम ने बरेली-शाहजहांपुर हाईवे के किनारे सुभाष कॉलोनी के पास से चारों आरोपियों को उस समय दबोच लिया, जब वे चोरी किए गए तार को बेचने के लिए किसी वाहन के आने का इंतजार कर रहे थे।
पुलिस गिरफ्त में आए चारों आरोपियों की पहचान राहुल पुत्र बिजेन्द्र सिंह (निवासी: ग्राम तराखास, थाना फतेहगंज पूर्वी, बरेली), ओमकार पुत्र राजेश्वर सिंह (निवासी: ग्राम भूडा गोटिया रधौली कलाँ, थाना फतेहगंज पूर्वी, बरेली), उमेश पुत्र सुरेशपाल (निवासी: ग्राम तराखास, थाना फतेहगंज पूर्वी, बरेली), अनिल पुत्र अन्तराम (निवासी: मोहल्ला कस्यावान, थाना व कस्बा फतेहगंज पूर्वी, बरेली) के रूप में हुई है।
पुलिस की पूछताछ में अभियुक्तों ने चौंकाने वाला खुलासा करते हुए बताया कि वे सभी प्राइवेट लाइनमैन का काम करते हैं। उन्होंने स्वीकार किया कि उन्होंने ही 9 जून 2026 को ग्राम मेवापट्टी (प्रियदर्शी आईटीआई स्कूल के सामने) और 25 अगस्त 2026 को ग्राम शिवपुरी पुलिया के पास से विद्युत पोल पर चढ़कर काटने वाले उपकरणों से एल्युमिनियम के तार काटे थे। चोरी किए गए तारों का कुछ हिस्सा उन्होंने किसी कबाड़ियों को बेच दिया था, जबकि शेष बचा हुआ 25 किलो तार वे बेचने के लिए ले जा रहे थे। इस अवैध धंधे से मिलने वाले पैसों को वे आपस में बांटकर अपने निजी खर्चों में उड़ा देते थे।
इस शातिर गिरोह को पकड़ने वाली पुलिस टीम में उप-निरीक्षक चन्द्रपाल सिंह, उप-निरीक्षक जितेन्द्र सिंह, उप-निरीक्षक लक्ष्मी नारायण सिंह, मुख्य आरक्षी पवन कुमार, आरक्षी शैलेन्द्र प्रताप सिंह, आरक्षी आकाश और रिक्रूट आरक्षी जनैश्वर सिंह शामिल रहे। पुलिस की इस मुस्तैदी से क्षेत्र में हो रही चोरी की वारदातों पर बड़ा अंकुश लगा है।
रिपोर्ट- जाकिर खान
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