काशी के भरत मिलाप में पहुंचे अजय राय, एयर शो की तारीख पर उठाए सवाल

Varanasi News: वाराणसी में 488 साल पुराने विश्व प्रसिद्ध नाटी इमली भरत मिलाप में उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष अजय राय शामिल हुए। उन्होंने प्रभु श्रीराम, लक्ष्मण, भरत और शत्रुघ्न के मिलन की लीला के दर्शन किए। इस दौरान उन्होंने देश और प्रदेश की सुख-समृद्धि, शांति और जनकल्याण की कामना की।

भरत मिलाप के मौके पर अजय राय ने एयर शो की तारीख को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि भारतीय सेना के पराक्रम का सभी सम्मान करते हैं, लेकिन ऐसे आयोजन की तारीख तय करते समय काशी की ऐतिहासिक परंपराओं और आम लोगों की सुविधा का ध्यान रखा जाना चाहिए था।

‘एयर शो से नहीं, तारीख तय करने पर आपत्ति’

अजय राय ने कहा कि नाटी इमली का भरत मिलाप काशी का 488 वर्ष पुराना लक्खा मेला है। इसमें लाखों श्रद्धालु शामिल होते हैं। इतनी बड़ी संख्या में लोगों के आने-जाने से शहर की यातायात व्यवस्था प्रभावित होती है। ऐसे में एयर शो की तारीख आगे या पीछे रखी जा सकती थी, जिससे काशी के लोगों को अनावश्यक परेशानी नहीं होती।

उन्होंने साफ किया कि उनकी आपत्ति एयर शो के आयोजन से नहीं, बल्कि उसकी तारीख तय करने के तरीके से है। उनके मुताबिक, आयोजन की तारीख निर्धारित करते समय स्थानीय हालात और लोगों की सुविधा को प्राथमिकता दी जानी चाहिए थी।

प्रधानमंत्री से काशी की परंपराओं का ध्यान रखने की अपील

अजय राय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वाराणसी के सांसद हैं। इसलिए उन्हें काशी की ऐतिहासिक, धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं को ध्यान में रखते हुए बड़े आयोजनों की तारीख तय कराने में स्थानीय परिस्थितियों को प्राथमिकता देनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि काशी की पहचान उसकी आध्यात्मिक चेतना, गंगा-जमुनी तहजीब, सामाजिक समरसता और सदियों पुरानी लोक परंपराओं से है। भरत मिलाप सिर्फ धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि शहर की सांस्कृतिक विरासत और लोगों की आस्था का प्रतीक है। इस परंपरा को सुरक्षित रखना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।

भरत मिलाप प्रेम और पारिवारिक एकता का प्रतीक: अजय राय

अजय राय ने भरत मिलाप की लीला को प्रेम, त्याग, मर्यादा और पारिवारिक एकता का संदेश देने वाला आयोजन बताया। उन्होंने प्रभु श्रीराम से देश और प्रदेश के लोगों की सुख-समृद्धि, शांति और खुशहाली की कामना की।

कार्यक्रम में महानगर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष राघवेंद्र चौबे के साथ मनीष मोरोलिया, ओमप्रकाश ओझा, अमित पाठक, रोहित दुबे, आनंद पांडेय, आशीष गुप्ता, रवि और अश्वनी यादव सहित अन्य लोग मौजूद रहे।

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