यूपी MLC चुनाव के बाद अखिलेश का भाजपा पर तंज, बोले- ‘वोट चोरी की यूनिवर्सिटी खोल लो’

UP MLC Election: उत्तर प्रदेश विधान परिषद की 11 सीटों के लिए मतदान पूरा हो गया। वोटिंग सुबह 8 बजे शुरू हुई और शाम 4 बजे तक चली। दोपहर 2 बजे तक करीब 40 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया था। इस बीच समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इटावा के सैफई में स्नातक एमएलसी चुनाव के लिए मतदान किया। वोट डालने के बाद उन्होंने भारतीय जनता पार्टी पर निशाना साधते हुए मतदाता सूची में कथित हेराफेरी और सपा समर्थकों को मतदान से रोकने के आरोप लगाए।

अखिलेश बोले- भाजपा को ‘वोट चोरी की यूनिवर्सिटी’ खोल लेनी चाहिए

अखिलेश यादव ने भाजपा पर तंज कसते हुए कहा कि पार्टी को ‘वोट चोरी की यूनिवर्सिटी’ खोल लेनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि शिक्षक एमएलसी चुनाव में भाजपा जिस तरह का व्यवहार कर रही है, वैसा ही रवैया वह आम चुनावों में भी अपना सकती है।

सपा अध्यक्ष ने कहा कि मतदान के तरीके को लेकर भाजपा के लोग निराश हैं। उन्होंने दावा किया कि जनता भाजपा के खिलाफ है और लोकतांत्रिक तरीके से अपने मताधिकार का इस्तेमाल करके उसे सत्ता से हटाने का काम करेगी।

सपा समर्थकों को वोट डालने से रोकने का आरोप

अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि प्रदेश के कई जिलों में सपा समर्थक मतदाताओं को वोट डालने से रोकने के लिए भाजपा के लोगों और भ्रष्ट अधिकारियों को आगे किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी लगातार मतदाता सूची में कथित हेराफेरी का मुद्दा उठा रही है।

सपा अध्यक्ष ने मतदाताओं से अपील की कि उनका एक-एक वोट लोकतंत्र को बचाने में अहम भूमिका निभाएगा। उन्होंने फिर दावा किया कि जनता भाजपा के खिलाफ है और अपने मताधिकार के जरिए उसे सत्ता से बाहर करने का काम करेगी।

चुनाव आयोग पर भी साधा निशाना, कई जिलों में हुआ हंगामा

अखिलेश यादव ने चुनाव आयोग की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा, “मुझे उम्मीद है कि चुनाव आयोग नींद की गोली लेकर नहीं सो रहा होगा।” उन्होंने आरोप लगाया कि मतदान के दौरान मतदाताओं को हो रही परेशानियों पर आयोग की ओर से प्रभावी कार्रवाई नहीं की जा रही है।

गौरतलब है कि मतदान के दौरान वाराणसी, आगरा और मुजफ्फरनगर समेत कई जिलों में सपा और भाजपा समर्थकों के बीच नोकझोंक और भिड़ंत की खबरें आई थीं। सपा ने कुछ जगह बूथ कैप्चरिंग के आरोप भी लगाए।

अखिलेश यादव के आरोपों के बाद चुनाव प्रक्रिया, मतदाता सूची और चुनाव आयोग की भूमिका को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई है। हालांकि, मतदाता सूची में हेराफेरी और मतदान से रोकने के आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि की जानकारी सामने नहीं आई है।

Get real time updates directly on you device, subscribe now.