मां करती थीं माली का काम, बेटे ने क्रिकेट में बनाई पहचान, अब BCCI ने सौंपी बड़ी जिम्मेदारी
परविंदर अवाना बने जूनियर सेलेक्शन कमेटी के अध्यक्ष
Sports News: भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने जूनियर पुरुष चयन समिति में बड़ा बदलाव किया है। पूर्व भारतीय तेज गेंदबाज परविंदर अवाना को जूनियर सेलेक्शन कमेटी का नया अध्यक्ष नियुक्त किया गया है।
उनकी नियुक्ति ऐसे समय में हुई है, जब भारतीय क्रिकेट में चयन समितियों को लेकर बदलावों की चर्चा चल रही है।
अवाना के साथ कृष्णा दास, राकेश पटेल और एन अर्जुन यादव को भी समिति में चयनकर्ता बनाया गया है। पांचवें सदस्य की नियुक्ति जल्द की जाएगी।
BCCI के मुताबिक, क्रिकेट एडवाइजरी कमेटी (CAC) ने जूनियर चयन समिति के सदस्यों की नियुक्ति के लिए उम्मीदवारों के साक्षात्कार लिए थे। इसी प्रक्रिया के बाद परविंदर अवाना को समिति का अध्यक्ष चुना गया।
परविंदर अवाना का क्रिकेट तक पहुंचने का सफर आसान नहीं रहा। उत्तर प्रदेश के नोएडा में पले-बढ़े अवाना जब महज 14 साल के थे, तभी उनके पिता का निधन हो गया था।
इसके बाद परिवार की जिम्मेदारी उनकी मां पर आ गई। वह नोएडा अथॉरिटी में माली के तौर पर काम करती थीं। सीमित संसाधनों और मुश्किल परिस्थितियों के बावजूद उन्होंने बेटे को आगे बढ़ने का मौका दिया।
परविंदर ने भी मेहनत जारी रखी और घरेलू क्रिकेट में अपनी जगह बनाई। उनकी कहानी संघर्ष से लेकर क्रिकेट में पहचान बनाने तक के सफर को दिखाती है।

अब चयन समिति के अध्यक्ष के रूप में उन्हें युवा खिलाड़ियों के चयन की जिम्मेदारी मिली है।
टीम इंडिया के लिए खेले दो टी20 मैच, IPL में भी दिखाया दम
परविंदर अवाना का अंतरराष्ट्रीय करियर भले ही छोटा रहा, लेकिन घरेलू क्रिकेट में उनका प्रदर्शन उल्लेखनीय रहा।
साल 2012 में उन्हें इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज के लिए भारतीय टीम में चुना गया था, हालांकि उस सीरीज में उन्हें खेलने का मौका नहीं मिला।
इसके बाद उन्होंने इंग्लैंड के खिलाफ टी20 अंतरराष्ट्रीय सीरीज में भारत का प्रतिनिधित्व किया। उन्होंने दो टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेले, लेकिन कोई विकेट हासिल नहीं कर सके।
घरेलू क्रिकेट में अवाना ने दिल्ली की टीम का प्रतिनिधित्व किया। उन्होंने 62 प्रथम श्रेणी मैचों में 191 विकेट लिए। वह इंडिया-ए और रेस्ट ऑफ इंडिया की टीमों का भी हिस्सा रहे।
इसके अलावा, 2012 से 2014 के बीच वह IPL में पंजाब किंग्स के लिए खेले। इस दौरान उन्होंने 33 मैचों में 39 विकेट अपने नाम किए।
संन्यास के बाद कोचिंग में भी बनाया अनुभव
क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद परविंदर अवाना ने कोचिंग के क्षेत्र में कदम रखा। उन्होंने दिल्ली की अंडर-16, अंडर-19 और अंडर-23 टीमों के साथ काम किया।
अब जूनियर चयन समिति के अध्यक्ष के तौर पर उनकी भूमिका युवा क्रिकेटरों को चुनने और भारतीय क्रिकेट के भविष्य के लिए प्रतिभाओं की पहचान करने में अहम होगी।

