UP में कोहरे को लेकर अलर्ट, एक्सप्रेसवे पर 1 नवंबर से बदलेगी स्पीड लिमिट, UPEDA का सख्त निर्देश
UP Expressway Speed Limit: उत्तर प्रदेश में सर्दियों के दौरान कोहरे और कम दृश्यता से होने वाली दुर्घटनाओं को रोकने के लिए उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (UPEDA) ने सख्त निर्देश जारी किए हैं। 1 नवंबर 2026 से 15 फरवरी 2027 तक आगरा-लखनऊ, पूर्वांचल, बुंदेलखंड, गोरखपुर लिंक और गंगा एक्सप्रेसवे पर संशोधित गति सीमाएं लागू होंगी।
यूपीडा के सीईओ दीपक कुमार ने सभी संबंधित एजेंसियों को सुरक्षा इंतजाम समय पर पूरे करने के निर्देश दिए हैं। इसके लिए 31 अक्टूबर तक की समयसीमा तय की गई है।
दिन और रात के हिसाब से घटेगी स्पीड लिमिट
गति सीमा (UP Expressway Speed Limit) में बदलाव वाहन की श्रेणी और समय के हिसाब से होगा। शुरुआती अवधि 1 से 15 नवंबर तक और उसके बाद की व्यवस्था इस प्रकार है:
- हल्के वाहन (LMV/M-1): शुरुआती अवधि में दिन में 100 और रात में 80 किमी प्रति घंटा। इसके बाद दिन में 80 और रात में 60 किमी प्रति घंटा।
- M-2 और M-3 श्रेणी: शुरुआती अवधि में दिन में 80 और रात में 60 किमी प्रति घंटा। इसके बाद दिन में 60 और रात में 50 किमी प्रति घंटा।
- मालवाहक वाहन: शुरुआती अवधि में दिन में 60 और रात में 50 किमी प्रति घंटा। 15 नवंबर से दिन में 50 और रात में 40 किमी प्रति घंटा।
ये सीमाएं निर्धारित शीतकालीन अवधि में लागू रहेंगी या कोहरे की स्थिति में सुधार होने तक प्रभावी रहेंगी, जैसा निर्देशों में लागू हो। स्वचालित यातायात प्रबंधन प्रणाली (ATMS) को भी नई गति सीमा के अनुरूप अपडेट किया जाएगा। उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई होगी।
कोहरे में फंसे वाहनों के लिए विशेष इंतजाम
50 मीटर से कम दृश्यता होने पर सुरक्षा टीमें पुलिस के साथ मिलकर वाहनों को नजदीकी टोल प्लाजा, पेट्रोल पंप, रेस्तरां या अन्य सुरक्षित स्थानों तक पहुंचने का मार्गदर्शन देंगी। जरूरत पड़ने पर वाहनों को काफिले में आगे रवाना किया जाएगा। एंबुलेंस और गश्ती दल 24 घंटे तैनात रहेंगे।
इसके अलावा, टोल प्लाजा पर घोषणाओं, रेडियो और एफएम के जरिए चालकों को सावधान किया जाएगा। साइनबोर्ड, रिफ्लेक्टिव टेप, फॉग लाइट और ब्लिंकर की जांच व रखरखाव भी होगा। मोड़ों, नदियों-नालों के आसपास और घने कोहरे वाले संवेदनशील हिस्सों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। संबंधित अधिकारी नियमित निरीक्षण कर सड़क परिवहन मंत्रालय (MoRTH) और भारतीय सड़क कांग्रेस (IRC) के दिशा-निर्देशों के अनुसार सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी करेंगे।
Also Read: बिना फॉर्म-8 बदल दिए वोटरों के नाम! पीलीभीत में 10 हजार एंट्री में गड़बड़ी, पूरे UP में जांच के आदेश

