कितने डिग्री बुखार को माना जाता है खतरनाक? 103°F से ऊपर तापमान होने पर क्या करें
Fever Temperature: बदलते मौसम में बुखार होना आम बात है। कई लोग इसे वायरल संक्रमण, मौसम में बदलाव या थकान का असर मानकर नजरअंदाज कर देते हैं। हल्का बुखार कुछ समय में ठीक भी हो सकता है, लेकिन हर बार इसे सामान्य समझना सही नहीं है। बुखार कितना है, कितने समय से बना हुआ है और उसके साथ कौन से लक्षण दिखाई दे रहे हैं, इन सभी बातों पर ध्यान देना जरूरी है।
आमतौर पर वयस्कों में शरीर का तापमान 100.4°F यानी 38°C या इससे अधिक होने पर बुखार माना जाता है। हालांकि, तापमान मापने की जगह और व्यक्ति की उम्र के अनुसार इसमें अंतर हो सकता है। ऐसे में सवाल उठता है कि कितने डिग्री बुखार को तेज या खतरनाक माना जाता है और किस स्थिति में डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए?
कितना तापमान होने पर बुखार माना जाता है?
मेडलाइनप्लस के अनुसार, स्वस्थ व्यक्ति के शरीर का औसत तापमान करीब 98.6°F यानी 37°C माना जाता है। हालांकि, हर व्यक्ति का सामान्य तापमान एक जैसा नहीं होता। दिन के अलग-अलग समय, शारीरिक गतिविधि और शरीर की स्थिति के कारण तापमान में थोड़ा बदलाव हो सकता है।

वयस्कों में आमतौर पर 100.4°F (38°C) या इससे अधिक तापमान को बुखार माना जाता है। बच्चों में तापमान की सीमा उम्र और उसे मापने के तरीके पर निर्भर कर सकती है।
खास तौर पर तीन महीने से कम उम्र के शिशु का रेक्टल तापमान 100.4°F (38°C) या इससे अधिक होने पर तुरंत डॉक्टर से जांच कराना जरूरी है। इतनी कम उम्र में बुखार गंभीर संक्रमण का संकेत हो सकता है।
बुखार का सही अंदाजा लगाने के लिए सिर्फ माथे पर हाथ रखना पर्याप्त नहीं है। इसके लिए डिजिटल थर्मामीटर का इस्तेमाल करना बेहतर है।
कितने डिग्री बुखार को हाई फीवर कहते हैं?
बुखार को हल्का, मध्यम और तेज बुखार जैसी श्रेणियों में बांटने के लिए अलग-अलग चिकित्सा स्रोतों में तापमान की सीमा अलग हो सकती है। नेशनल सेंटर फॉर बायोटेक्नोलॉजी इन्फॉर्मेशन (NCBI) में दिए गए एक सामान्य वर्गीकरण के अनुसार, लगभग 102.4°F से ऊपर यानी करीब 39.1°C से 41°C तक के तापमान को तेज बुखार की श्रेणी में रखा जा सकता है। वहीं, कुछ चिकित्सकीय संदर्भों में 103°F (39.4°C) से अधिक तापमान को हाई फीवर कहा जाता है।

इसलिए तेज बुखार के लिए कोई एक निश्चित तापमान सीमा सभी परिस्थितियों में लागू नहीं होती। फिर भी, तापमान 103°F या इससे अधिक होने पर, खासकर जब यह लगातार बना रहे या बार-बार बढ़े, तो इसे हल्के में नहीं लेना चाहिए। ऐसी स्थिति में डॉक्टर से सलाह लेकर बुखार का कारण पता करना जरूरी हो सकता है।
ध्यान रखें कि केवल तापमान से बीमारी की गंभीरता तय नहीं होती। किसी व्यक्ति को 102°F बुखार के साथ सांस लेने में परेशानी, भ्रम या शरीर में पानी की गंभीर कमी हो सकती है। वहीं, किसी दूसरे व्यक्ति को 103°F बुखार होने के बावजूद ऐसे गंभीर लक्षण न हों। इसलिए तापमान के साथ मरीज की हालत पर भी नजर रखना जरूरी है।
103–104°F बुखार होने पर कब जाएं अस्पताल?
103–104°F यानी लगभग 39.4–40°C का तापमान काफी अधिक है। ऐसे में बुखार के कारण का पता लगाना जरूरी हो सकता है। मेडलाइनप्लस के अनुसार, वयस्कों में बुखार लगातार बना रहे या तापमान 103°F से ऊपर बढ़ता जाए, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। 105°F (40.6°C) या इससे अधिक तापमान होने पर तत्काल चिकित्सा सहायता की जरूरत हो सकती है।

मेयो क्लीनिक के अनुसार, आपातकालीन इलाज की जरूरत का फैसला केवल थर्मामीटर की रीडिंग के आधार पर नहीं किया जाना चाहिए। बुखार के साथ नीचे दिए गए लक्षण दिखाई दें, तो तुरंत इमरजेंसी चिकित्सा सहायता लें:
- सांस लेने में परेशानी या सीने में दर्द।
- बहुत तेज सिरदर्द या गर्दन में अकड़न।
- भ्रम की स्थिति या बेहोशी।
- दौरे पड़ना।
- बार-बार उल्टी होना।
- बहुत ज्यादा कमजोरी या शरीर में पानी की गंभीर कमी।
बच्चों में भी उनके व्यवहार और गतिविधियों पर ध्यान देना जरूरी है। अगर बच्चा बहुत सुस्त हो, आसानी से जाग न रहा हो, उसे सांस लेने में परेशानी हो या दौरे पड़ें, तो बिना देरी किए डॉक्टर से संपर्क करें।
बुखार में शरीर का तापमान क्यों बढ़ जाता है?
नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ (NIH) के अनुसार, बुखार संक्रमण या शरीर में सूजन जैसी स्थिति के प्रति शरीर की नियंत्रित प्रतिक्रिया है। जब शरीर में संक्रमण या सूजन होती है, तो प्रतिरक्षा तंत्र कुछ रासायनिक संदेशवाहक छोड़ता है। ये संदेश मस्तिष्क के हाइपोथैलेमस तक पहुंचते हैं, जो शरीर का तापमान नियंत्रित करता है।
इन संकेतों के कारण हाइपोथैलेमस शरीर का तापमान सामान्य स्तर से ऊपर कर देता है। इसके बाद शरीर गर्मी बनाए रखने के लिए रक्त वाहिकाओं को सिकोड़ सकता है और मांसपेशियों में कंपकंपी शुरू हो सकती है। इसी वजह से बुखार चढ़ते समय व्यक्ति को ठंड लगने या कंपकंपी महसूस होने लगती है।

अगर बुखार 48–72 घंटे से अधिक समय तक बना रहता है, बार-बार 103°F से ऊपर पहुंचता है या इसके साथ सांस लेने में परेशानी, तेज सिरदर्द, दौरे अथवा अन्य गंभीर लक्षण दिखाई देते हैं, तो जल्द से जल्द डॉक्टर से संपर्क करें। गंभीर लक्षण होने पर 48–72 घंटे तक इंतजार न करें और तुरंत नजदीकी अस्पताल जाएं।
ध्यान दें: यह सामान्य स्वास्थ्य संबंधी जानकारी है। सही जांच और इलाज के लिए डॉक्टर की सलाह जरूरी है।

