बीपी बाएं हाथ से नापें या दाएं से? पहली बार जांच करते समय जरूर जान लें ये बात
Blood Pressure Check: आजकल कई लोग घर पर ही डिजिटल मशीन से ब्लड प्रेशर (BP) की जांच करते हैं। लेकिन बीपी मापते समय अक्सर यह सवाल उठता है कि बाएं हाथ का इस्तेमाल करना चाहिए या दाएं हाथ का? दरअसल, दोनों हाथों में ब्लड प्रेशर की रीडिंग बिल्कुल एक जैसी होना जरूरी नहीं है। थोड़ा अंतर सामान्य हो सकता है, लेकिन लगातार ज्यादा अंतर को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
इसी वजह से पहली बार बीपी की जांच करते समय दोनों हाथों में रीडिंग लेना जरूरी माना जाता है। इसके बाद जिस हाथ में लगातार ज्यादा बीपी आता है, आमतौर पर आगे की जांच उसी हाथ से की जाती है।
बीपी बाएं हाथ से लें या दाएं हाथ से?
ब्लड प्रेशर मापने के लिए कोई ऐसा सार्वभौमिक नियम नहीं है कि हमेशा बाएं या दाएं हाथ का ही इस्तेमाल किया जाए। अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन के अनुसार, आमतौर पर दोनों हाथों की रीडिंग में बहुत ज्यादा अंतर नहीं होता। इसलिए यदि दोनों हाथों में बीपी लगभग बराबर है, तो घर पर नियमित जांच के लिए किसी भी हाथ का इस्तेमाल किया जा सकता है।
हालांकि, पहली बार बीपी मापते समय दोनों हाथों की रीडिंग लेना बेहतर है। कुछ लोगों में एक हाथ का ब्लड प्रेशर दूसरे हाथ से लगातार ज्यादा हो सकता है। ऐसी स्थिति में आगे की निगरानी के लिए अधिक रीडिंग वाले हाथ को आधार बनाया जाता है।
ब्रिटेन की नेशनल इंस्टीट्यूट फॉर हेल्थ एंड केयर एक्सीलेंस (NICE) की हाइपरटेंशन गाइडलाइन भी दोनों हाथों में बीपी मापने की सलाह देती है। यदि दोनों हाथों की रीडिंग में 15 mmHg से ज्यादा अंतर मिलता है, तो दोबारा जांच करनी चाहिए।
दोनों हाथों में बीपी अलग आने की वजह क्या है?
दोनों हाथों में ब्लड प्रेशर की रीडिंग में अंतर आने के कई कारण हो सकते हैं। शरीर में दोनों तरफ की नसों की बनावट पूरी तरह एक जैसी नहीं होती। इसके अलावा बीपी मापते समय हाथ की स्थिति, मशीन के कफ का आकार और जांच करने का तरीका भी रीडिंग को प्रभावित कर सकता है।
अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन के मुताबिक, सही रीडिंग के लिए हाथ को दिल के स्तर पर सहारा देकर रखना चाहिए। बीपी मशीन का कफ भी बांह के आकार के अनुसार होना जरूरी है।
उदाहरण के लिए, अगर एक हाथ नीचे लटका हुआ है और दूसरा हाथ सही तरीके से सहारा देकर रखा गया है, तो दोनों की रीडिंग अलग आ सकती है। इसी तरह गलत आकार का कफ इस्तेमाल करने से भी बीपी की सही जानकारी नहीं मिलती।
पहली बार दोनों हाथों से जांच क्यों जरूरी?
पहली बार दोनों हाथों में बीपी मापने का मकसद यह पता लगाना है कि कहीं दोनों के बीच लगातार अंतर तो नहीं आ रहा। साल 2022 में हुई एक स्टडी में सामने आया कि केवल एक हाथ से बीपी मापने पर कुछ लोगों में वास्तविक ब्लड प्रेशर का स्तर कम आंका जा सकता है। दोनों हाथों में जांच करके अधिक रीडिंग वाले हाथ का इस्तेमाल करने से हाई ब्लड प्रेशर की पहचान बेहतर तरीके से हो सकती है।
दोनों हाथों में बीपी का बिल्कुल एक जैसा होना जरूरी नहीं है। कुछ mmHg का अंतर जांच की तकनीक या शरीर में सामान्य बदलाव के कारण हो सकता है।
NICE के अनुसार, दोनों हाथों में 10 mmHg से कम का अंतर सामान्य सीमा में माना गया है, जबकि 20 mmHg से ज्यादा का अंतर असामान्य हो सकता है। इसकी मौजूदा गाइडलाइन में 15 mmHg से ज्यादा अंतर मिलने पर दोबारा बीपी मापने की सलाह दी गई है।
अगर सही तरीके से बार-बार जांच करने के बाद भी दोनों हाथों में काफी अंतर बना रहता है, तो डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए। लगातार अंतर कभी-कभी नसों से जुड़ी समस्या का संकेत भी हो सकता है।
घर पर बीपी मापते समय इन बातों का रखें ध्यान
सही हाथ चुनने के साथ बीपी मापने का तरीका भी बहुत मायने रखता है। अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन के अनुसार, घर पर ब्लड प्रेशर जांचने से पहले और जांच के दौरान इन बातों का ध्यान रखना चाहिए:
- बीपी मापने से करीब 30 मिनट पहले चाय, कॉफी, कैफीन, धूम्रपान और एक्सरसाइज से बचें।
- जांच से पहले ब्लैडर खाली कर लें।
- कुर्सी पर पीठ को सहारा देकर बैठें।
- दोनों पैर जमीन पर सीधे रखें और उन्हें क्रॉस न करें।
- बीपी मापने से पहले करीब 5 मिनट तक शांत बैठें।
- हाथ को किसी समतल जगह पर सहारा देकर रखें।
- मशीन का कफ बांह पर कोहनी से थोड़ा ऊपर लगाएं।
- कफ को त्वचा पर लगाएं और उसका आकार बांह के अनुसार रखें।
- जांच के दौरान बात न करें।
- हाथ को दिल के स्तर पर रखें। हाथ नीचे लटकने पर रीडिंग वास्तविक स्तर से ज्यादा आ सकती है।
एक बार जांच के बाद दोबारा भी लें रीडिंग
बीपी की पहली रीडिंग लेने के बाद कम से कम एक मिनट रुकें और फिर दूसरी बार जांच करें। दोनों रीडिंग को लिखकर रखना उपयोगी होता है। इससे समय के साथ ब्लड प्रेशर में होने वाले बदलाव को समझने में मदद मिलती है।
अगर आप रोजाना बीपी जांचते हैं और पहले दोनों हाथों की रीडिंग में लगातार अंतर पाया गया है, तो डॉक्टर से पूछकर तय करें कि नियमित निगरानी के लिए किस हाथ का इस्तेमाल करना चाहिए।
कुल मिलाकर, बीपी जांचने के लिए केवल बाएं या केवल दाएं हाथ का इस्तेमाल करना जरूरी नहीं है। पहली बार दोनों हाथों में रीडिंग लेना ज्यादा महत्वपूर्ण है। यदि दोनों हाथों में रीडिंग लगभग समान है, तो आगे किसी एक हाथ से जांच की जा सकती है। लेकिन सही तरीके से बार-बार मापने के बावजूद दोनों हाथों में बड़ा अंतर बना रहे, तो डॉक्टर की सलाह जरूर लें।

