CBI अफसर बनकर ठगे 48 लाख, 1 करोड़ की FD तुड़वाने पहुंचा बुजुर्ग तो बैंक ने पकड़ा खेल

Kanpur Digital Arrest Scam: कानपुर में साइबर थाना पुलिस ने डिजिटल अरेस्ट के नाम पर लाखों रुपये की ठगी करने वाले गिरोह का खुलासा किया है। पुलिस ने मामले में तीन आरोपियों वासु, आतिश कुमार और कंचन प्रजापति को गिरफ्तार किया है, जबकि मुकुल चौबे फरार है।

पुलिस के मुताबिक, गिरोह ने स्वरूपनगर निवासी योगेश चंद्र मिश्रा को फोन किया और खुद को मुंबई क्राइम ब्रांच तथा CBI का अधिकारी बताया। आरोपियों ने उन्हें कानूनी कार्रवाई का डर दिखाकर डिजिटल अरेस्ट के नाम पर अलग-अलग बैंक खातों में करीब 48.20 लाख रुपये ट्रांसफर करा लिए।

1 करोड़ की FD तुड़वाने पहुंचे तो खुला राज

ठगी (Kanpur Digital Arrest Scam) का खुलासा उस समय हुआ, जब योगेश चंद्र मिश्रा करीब 1 करोड़ रुपये की FD तुड़वाने के लिए बैंक पहुंचे। बैंक कर्मचारियों को मामले में संदेह हुआ तो उन्होंने पुलिस को इसकी जानकारी दी। इसके बाद साइबर थाना पुलिस ने जांच शुरू की।

जांच में पता चला कि आरोपियों ने फर्जी दस्तावेजों के जरिए BAUKOYO CONTRACTORS PRIVATE LIMITED नाम की फर्म तैयार की और उसके नाम पर बैंक खाता खुलवाया था। इस खाते में 15 लेनदेन के जरिए करीब 25.98 लाख रुपये जमा हुए। पुलिस के अनुसार, यह रकम उसी दिन अलग-अलग राज्यों के करीब 611 बैंक खातों में ट्रांसफर कर दी गई।

मोबाइल से मिले ठगी के डिजिटल सबूत

पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के मोबाइल फोन से बैंक खातों की जानकारी, फर्जी दस्तावेज, कॉल रिकॉर्ड, WhatsApp चैट और अन्य डिजिटल साक्ष्य बरामद किए हैं। NCRP पर जांच के दौरान इन बैंक खातों से जुड़े चार साइबर अपराध भी सामने आए हैं।

पुलिस के मुताबिक, जांच में अब तक करीब 1.42 करोड़ रुपये की साइबर ठगी का अनुमान सामने आया है। पुलिस फरार आरोपी मुकुल चौबे की तलाश के साथ गिरोह से जुड़े अन्य लोगों और बैंक खातों की भी जांच कर रही है।

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