अभिजीत दीपके को कोर्ट से मिली सशर्त जमानत, 24 घंटे हिरासत में रहने के बाद बताया जेल का अनुभव

Abhijeet Dipke Bail: कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके को दिल्ली की विशेष कार्यकारी मजिस्ट्रेट (SEM) अदालत से राहत मिल गई है। शांति भंग करने के आरोप में गिरफ्तार दीपके को शनिवार को शांति बनाए रखने के लिए बॉन्ड भरने के बाद रिहा करने का आदेश दिया गया। रिहाई के बाद उन्होंने सोशल मीडिया पर शाहरुख खान की फिल्म वीर-जारा का एक सीन साझा कर 24 घंटे हिरासत में रहने का अनुभव बताया।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, फिल्म के इस सीन में शाहरुख खान 20 साल बाद जेल से बाहर निकलते हैं। Abhijeet Dipke ने इसे साझा करते हुए लिखा कि 24 घंटे जेल में बिताने के बाद ऐसा लगता है। रिहाई के बाद वह CJP प्रवक्ता अनीश गवांडे के करोल बाग स्थित आवास भी पहुंचे।

तिरंगा मार्च से पहले हुई थी गिरफ्तारी

दिल्ली पुलिस ने कनॉट प्लेस में प्रस्तावित ‘लहरा दो तिरंगा’ मार्च से पहले दीपके को हिरासत में लिया था। पुलिस के मुताबिक, दिल्ली पुलिस अधिनियम की धारा 65 के तहत औपचारिकताएं पूरी करने के बाद उन्हें भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धाराओं 126 और 170 के तहत शांति भंग के मामले में गिरफ्तार किया गया। इससे पहले 10 अक्टूबर को दिल्ली एयरपोर्ट पर हिरासत के दौरान भी उनके खिलाफ अलग मामला दर्ज हुआ था।

शुक्रवार को पुलिस ने CJP संस्थापक दीपके और ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) की अध्यक्ष नेहा बोरा समेत करीब 150 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया था। बोरा को बाद में रिहा कर दिया गया। उन्होंने पुलिस और केंद्र की भाजपा सरकार की कार्रवाई को गैर-कानूनी बताते हुए सवाल उठाए। Abhijeet Dipke ने कहा कि उन्हें मंडी हाउस से हिरासत में लेकर सुबह पांच बजे तक थाने में रखा गया।

प्रदर्शन में उठीं चुनाव आयोग से जुड़ी मांगें

प्रदर्शनकारी कनॉट प्लेस के इनर सर्कल में मार्च करते हुए ‘जय हिंद’ के नारे लगा रहे थे। छात्रों और AISA व SFI के सदस्यों ने मंडी हाउस में भी प्रदर्शन किया। उनकी मांगों में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा, मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को वापस लेना और निर्वाचन आयुक्तों की नियुक्ति से संबंधित कानून वापस लेना शामिल था। सांसद जॉन ब्रिटास और संतोष कुमार समेत वामपंथी नेताओं ने भी मार्च में हिस्सा लिया। प्रदर्शनकारियों को हटाने के दौरान पुलिस और उनके बीच मामूली झड़पें हुईं। मौके पर मौजूद कुछ स्वतंत्र यूट्यूब पत्रकारों के साथ धक्का-मुक्की और हूटिंग की भी खबरें आईं।

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