IDBI के बाद इन 4 बैंकों में अपनी हिस्सेदारी बेचने की तैयारी में सरकार, निजीकरण पर भी मंथन
Govt Bank News : केंद्र सरकार चार सरकारी बैंकों में अपनी हिस्सेदारी घटाने की तैयारी कर रही है। इसका मकसद इन बैंकों में आम निवेशकों की हिस्सेदारी बढ़ाना और शेयर बाजार से जुड़े नियमों का पालन करना है। जिन बैंकों पर विचार किया जा रहा है, उनमें सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, यूको बैंक, पंजाब एंड सिंध बैंक और इंडियन ओवरसीज बैंक शामिल हैं।
सरकार की योजना अगले एक साल में इन बैंकों में सार्वजनिक हिस्सेदारी बढ़ाने पर ध्यान देने की है। इसके लिए बाजार की स्थिति के अनुसार ऑफर फॉर सेल (OFS) का रास्ता अपनाया जा सकता है। इस प्रक्रिया में सरकार अपनी हिस्सेदारी के कुछ शेयर बाजार में बेचती है। वहीं, संबंधित बैंक अपनी जरूरत और रणनीति के हिसाब से बाजार से पूंजी जुटाने का फैसला भी कर सकते हैं।
चार सरकारी बैंकों में हिस्सेदारी घटाने की तैयारी
सरकार का मानना है कि इन बैंकों में आम निवेशकों की हिस्सेदारी बढ़ने से उनके शेयरों का मूल्यांकन बेहतर हो सकता है। यह कदम ऐसे समय उठाने की तैयारी है, जब IDBI बैंक में बड़ी हिस्सेदारी की बिक्री भी चर्चा में है।

कनाडा के अरबपति प्रेम वत्सा की कंपनी फेयरफैक्स फाइनेंशियल होल्डिंग्स IDBI बैंक में 60.72% हिस्सेदारी 52,878 करोड़ रुपये में खरीदने जा रही है। इस सौदे के बाद सरकारी बैंकों में हिस्सेदारी घटाने और बैंकिंग क्षेत्र में बदलाव की चर्चाएं तेज हुई हैं।
हालांकि, चारों बैंकों में हिस्सेदारी कितनी घटाई जाएगी और इसके लिए कौन-सा तरीका अपनाया जाएगा, यह बाजार की परिस्थितियों और सरकार के अंतिम फैसले पर निर्भर करेगा।
दो बैंकों के निजीकरण पर भी हो सकता है विचार
सरकार सरकारी बैंकों के एक और दौर के विलय और एकीकरण की तैयारी भी कर रही है। इस प्रक्रिया के तहत दो बैंकों को निजीकरण के लिए चुने जाने की संभावना जताई जा रही है। रिपोर्टों के मुताबिक, नीति आयोग ने सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया और इंडियन ओवरसीज बैंक के नाम संभावित विकल्पों के तौर पर सुझाए थे।
सरकार का दीर्घकालिक लक्ष्य देश में तीन से चार बड़े सरकारी बैंकों को विकसित करना है। हालांकि, निजीकरण की प्रक्रिया आगे बढ़ाने के लिए कानून में बदलाव जरूरी होंगे। इसके लिए बैंकिंग कंपनी (उपक्रमों का अधिग्रहण और हस्तांतरण) अधिनियम में संशोधन करना पड़ सकता है। इन बदलावों पर बैंकों के विलय और एकीकरण की प्रक्रिया के साथ विचार किया जा सकता है।

