UP चुनाव से पहले अखिलेश का कड़ा रुख, महीनेभर में 4 जिला और 1 प्रदेश इकाई भंग
SP Organizational Changes: उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) संगठन को लेकर सख्त रुख अपनाते नजर आ रहे हैं। बीते एक महीने में पार्टी की चार जिला इकाइयों और एक प्रदेश इकाई को भंग किया जा चुका है।
कन्नौज में PDA सम्मेलन में भीड़ नहीं जुटने के बाद जिला अध्यक्ष समेत पूरी कार्यकारिणी पर कार्रवाई की गई। इससे पहले गोरखपुर, कासगंज और एटा की जिला इकाइयां भी भंग की गई थीं। उत्तराखंड में पार्टी की सभी जिला इकाइयों को भंग करने का फैसला लिया गया।
लोकसभा चुनाव में मिली सफलता के बाद सपा विधानसभा चुनाव की तैयारियों में जुटी है। पार्टी नेतृत्व की ओर से नेताओं और कार्यकर्ताओं को बयानबाजी से लेकर सोशल मीडिया पर सक्रियता तक को लेकर निर्देश दिए जा रहे हैं। संगठन में अनुशासन और सक्रियता बनाए रखने के लिए कार्रवाई भी की जा रही है।
कन्नौज में सम्मेलन के बाद पूरी जिला इकाई भंग
कन्नौज को समाजवादी पार्टी का गढ़ माना जाता है। शनिवार को यहां आयोजित PDA सम्मेलन में अपेक्षा के मुताबिक भीड़ नहीं जुटी और कई कुर्सियां खाली दिखाई दीं। इसके बाद Akhilesh Yadav के निर्देश पर जिला अध्यक्ष कलीम खान समेत पूरी जिला कार्यकारिणी को भंग कर दिया गया।
सम्मेलन के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, मंत्री असीम अरुण और पूर्व सांसद सुब्रत पाठक ने भी अखिलेश यादव पर तंज कसा था।
गोरखपुर, कासगंज और एटा में भी कार्रवाई
गोरखपुर में पीडीए सम्मेलन के दौरान कुर्सी को लेकर विवाद हुआ था। सपा नेता अंशुमान सिंह और पूर्व जिलाध्यक्ष नगीना साहनी के बीच कहासुनी के बाद मामला हाथापाई तक पहुंचने की स्थिति में आ गया। इसके बाद पार्टी ने गोरखपुर की पूरी जिला कार्यकारिणी भंग कर दी।
वहीं, 19 सितंबर को लखनऊ में प्रत्याशी चयन को लेकर हुई बैठक के दौरान कासगंज और एटा के नेताओं के बीच विवाद हो गया था। बैठक में Akhilesh Yadav भी मौजूद थे। बताया गया कि पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष जुगेंद्र सिंह यादव और मंजीत यादव के बीच कहासुनी हुई। इसके बाद दोनों जिलों की पार्टी इकाइयों को भंग कर दिया गया।

