UP में बेटियों की सुरक्षा पर आराधना मिश्रा का हमला, बोलीं- ‘बेटी बचाओ’ नारा नहीं, चेतावनी थी

Aradhana Mishra on Women Safety: उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी की अध्यक्ष आराधना मिश्रा ‘मोना’ ने महिलाओं और बेटियों के खिलाफ अपराध को लेकर भाजपा सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि ‘बेटी बचाओ’ सिर्फ नारा नहीं, बल्कि सरकार के लिए चेतावनी थी।

लखनऊ में जारी बयान में मोना ने कहा कि यूपी में स्कूल जाने वाली बच्चियों से लेकर नाबालिगों तक के खिलाफ अपराध की घटनाएं सामने आ रही हैं। उन्होंने पिछले एक सप्ताह में अलग-अलग जिलों में सामने आई दुष्कर्म और अन्य अपराध की घटनाओं का हवाला देते हुए कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाए।

आंकड़ों का हवाला देकर घेरा

Aradhana Mishra ने उपलब्ध आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि एक साल में उत्तर प्रदेश में महिलाओं के खिलाफ अपराध के 66,381 मामले दर्ज हुए। उनके मुताबिक, इनमें 3,516 दुष्कर्म, 3,206 हत्या और 31 एसिड अटैक के मामले शामिल हैं।

उन्होंने कहा कि इन आंकड़ों से महिला सुरक्षा को लेकर सरकार के दावों पर सवाल खड़े होते हैं। कांग्रेस अध्यक्ष ने यह भी आरोप लगाया कि एसिड अटैक के प्रयास और नाबालिग छात्राओं से सामूहिक दुष्कर्म जैसी घटनाएं भी लगातार सामने आ रही हैं।

सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी का भी जिक्र

मोना (Aradhana Mishra Mona) ने 30 सितंबर 2026 को सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई के दौरान यूपी पुलिस की जांच को लेकर की गई कड़ी टिप्पणी का भी हवाला दिया। उन्होंने कहा कि अदालत ने पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए यहां तक पूछा था कि क्यों न यूपी पुलिस को ही भंग कर दिया जाए।

उन्होंने सरकार से सवाल किया कि जब बच्चियां स्कूल, सड़क और घर तक सुरक्षित नहीं हैं, तो महिला सुरक्षा के दावों का क्या मतलब है। मोना ने कहा कि बेटियां डर में नहीं, सम्मान और सुरक्षा के साथ जीना चाहती हैं।

UP Congress अध्यक्ष ने कहा कि अब जनता सवाल कर रही है, “जिसने यूपी का किया ये हाल, उसे और क्यों दें पांच साल।”

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