उत्तराखंड में गुटखा, पान मसाला और तंबाकू की बिक्री और भंडारण पर रोक
Sandesh Wahak Digital Desk: उत्तराखंड सरकार ने जनस्वास्थ्य के हित में एक बड़ा और सख्त कदम उठाते हुए पूरे प्रदेश में गुटखा, पान मसाला और तंबाकू युक्त उत्पादों पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है। खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग के आयुक्त विनय शंकर पांडेय ने मंगलवार को इस संबंध में आधिकारिक आदेश जारी कर दिया। राज्य सरकार द्वारा लगाया गया यह प्रतिबंध तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है और अगले एक वर्ष यानी 13 अक्टूबर, 2027 तक प्रभावी रहेगा।
आदेश के प्रभावी होने के साथ ही उत्तराखंड में अब किसी भी प्रकार के तंबाकू और निकोटिन युक्त पदार्थों का न तो निर्माण किया जा सकेगा, न ही इनका भंडारण या वितरण हो सकेगा। इसके अलावा, बाजारों में इनकी खरीद-बिक्री पर भी पूरी तरह पाबंदी रहेगी। खाद्य सुरक्षा तथा मानक (विक्रय प्रतिषेध और निर्बंधन) विनियम, 2011 के तहत यह रोक लगाई गई है, जो किसी भी नाम से बिकने वाले निकोटिन मिश्रित खाद्य पदार्थों पर लागू होगी।
खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत हुई कार्रवाई
आयुक्त द्वारा जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 की धारा 30(2) के तहत राज्य के खाद्य सुरक्षा आयुक्त को लोक स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए किसी भी हानिकारक खाद्य सामग्री के निर्माण और बिक्री पर एक साल तक रोक लगाने का अधिकार प्राप्त है। गुटखा और पान मसाला में तंबाकू तथा निकोटिन का उपयोग मुख्य संघटक के रूप में किया जाता है, जो सीधे तौर पर आम जनता की सेहत के लिए हानिकारक है। इसी को ध्यान में रखते हुए प्रदेश सरकार ने यह कड़ा निर्णय लिया है।
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