Bareilly: डेढ़ साल से फरार रियल एस्टेट कारोबारी राजेश मौर्य गिरफ्तार, दर्जनों धोखाधड़ी मामलों में था वांछित

Sandesh Wahak Digital Desk: बरेली जिले थाना बारादरी पुलिस को एक बड़ी सफलता मिली है। पिछले करीब डेढ़ साल से फरार चल रहे रियल एस्टेट कारोबारी राजेश मौर्य को आखिरकार पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। राजेश मौर्य पर दर्जनों मामलों में धोखाधड़ी, जालसाजी और चेक बाउंस जैसे गंभीर आरोप हैं।

राजेश मौर्य, श्री गंगा इन्फ्रासिटी प्राइवेट लिमिटेड का डायरेक्टर है और उसके खिलाफ अलग-अलग थानों में कई संगीन धाराओं में मुकदमे दर्ज हैं। वह बरेली के अलावा दिल्ली और मथुरा जैसे शहरों में भी मामलों में वांछित था।

कैसे हुआ गिरफ्तार?

थाना बारादरी पुलिस काफी समय से राजेश मौर्य की तलाश में थी। न्यायालय द्वारा उसके खिलाफ कई बार गिरफ्तारी वारंट जारी किए जा चुके थे, लेकिन वह जानबूझकर लगातार फरार बना रहा। सर्विलांस और तकनीकी निगरानी की मदद से पुलिस ने उसे 25 मई 2025 को चंद्रगुप्तपुरम कॉलोनी, पीलीभीत बाईपास रोड से गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को कोर्ट में पेश कर जेल भेजने की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है।

कौन है राजेश मौर्य?

राजेश मौर्य मूल रूप से कुशीनगर का निवासी है और उसके पिता नगर निगम में ट्यूबवेल ऑपरेटर थे, जो 2015 में रिटायर हो चुके हैं। वर्ष 2018 में राजेश ने ‘श्री गंगा इन्फ्रासिटी प्रा. लि.’ के नाम से एक रियल एस्टेट कंपनी रजिस्टर कराई और ग्रीन पार्क कॉलोनी, बरेली में इसका मुख्य कार्यालय खोला।

उसने थाना भुता क्षेत्र में करीब 200 बीघा ज़मीन का एग्रीमेंट किया और भूखंड बेचने की योजना शुरू की। प्लॉट की कीमत 2500-3000 रुपये प्रति वर्ग गज तय की गई थी। कंपनी ने ग्राहकों को लुभाने के लिए एक स्कीम भी लॉन्च की, जिसमें या तो मासिक भुगतान मिलता या पांच साल बाद दो गुना राशि वापस मिलने का वादा किया गया। कंपनी ने अलग-अलग गांव और मोहल्लों में करीब 200 शाखाएं भी खोलीं और फ्रेंचाइज़ी मॉडल के तहत निवेशकों से पैसे जुटाए।

लेकिन कैसे हुआ घोटाला?

कुछ समय बाद कंपनी निवेशकों को समय पर भुगतान करने में असमर्थ हो गई। कई निवेशकों को उनकी पूरी रकम नहीं मिली। किसी को केवल 70% पैसा लौटा, तो कई लोगों का पैसा फंस गया। जो चेक दिए गए, वे भी बाउंस हो गए।

इस धोखाधड़ी से करीब 200 से ज्यादा लोगों का पैसा डूब गया। कई बार विरोध-प्रदर्शन हुए और दर्जनों मुकदमे दर्ज किए गए। राजेश मौर्य, उसके परिवार और कंपनी के अन्य डायरेक्टर्स के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत भी कार्रवाई हुई और वे जेल भी गए। बेल मिलने के बाद राजेश मौर्य एनआई एक्ट के मुकदमों में वांछित था और फरार चल रहा था, जिसे अब पुलिस ने दबोच लिया है।

अभियुक्त के खिलाफ दर्ज प्रमुख मुकदमे

राजेश मौर्य के खिलाफ बरेली के विभिन्न थानों में IPC की कई गंभीर धाराएं जैसे 406, 420, 467, 468, 471, 409, 120बी, 504, 506, 353 के तहत केस दर्ज हैं। साथ ही, एनआई एक्ट (धारा 138) के तहत भी कई केस लंबित हैं, जिनमें प्रमुख रूप से महमूद खां द्वारा दर्ज मुकदमे शामिल हैं।

पुलिस ने बताया कि अन्य जिलों में दर्ज मामलों की भी जानकारी जुटाई जा रही है। जरूरत पड़ी तो संबंधित स्थानों की पुलिस से भी समन्वय किया जाएगा। फिलहाल आरोपी को न्यायालय के आदेश पर जेल भेज दिया गया है।

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