Bihar Politics: तेजस्वी यादव के मुख्यमंत्री फेस वाले ऐलान से बिहार की सियासत गर्म, कांग्रेस ने बनाई दूरी
Sandesh Wahak Digital Desk: बिहार में जैसे-जैसे विधानसभा चुनाव नज़दीक आ रहे हैं, वैसे-वैसे सियासी तापमान भी चढ़ने लगा है। बीते सोमवार को आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने खुद को इंडिया गठबंधन का मुख्यमंत्री चेहरा घोषित कर राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी। तेजस्वी ने दावा किया कि “बिहार में मैं ही सीएम फेस हूं और इंडिया गठबंधन में इस पर सहमति बन चुकी है।”
लेकिन तेजस्वी के इस ऐलान के 24 घंटे के भीतर ही कांग्रेस ने तेवर बदलते हुए खुद को फ्रंटफुट पर ला दिया। कांग्रेस ने साफ कहा कि अभी तक न एनडीए और न ही इंडिया गठबंधन में किसी मुख्यमंत्री उम्मीदवार का ऐलान हुआ है। इसके बाद सियासी गलियारों में सवाल उठने लगे कि क्या तेजस्वी यादव जल्दबाजी में खुद को ‘मियां मिट्ठू’ साबित करने की कोशिश कर रहे हैं?
कांग्रेस ने काटी कन्नी, दिया ‘बड़ा संकेत’
तेजस्वी के ऐलान को लेकर कांग्रेस ने चुप्पी नहीं साधी, बल्कि इशारों-इशारों में असहमति भी जता दी। बिहार कांग्रेस अध्यक्ष राजेश कुमार ने कहा इंडिया गठबंधन का फोकस फिलहाल किसी चेहरे पर नहीं, बल्कि बीजेपी को हराने की रणनीति पर है। अभी मुख्यमंत्री पद को लेकर कोई फैसला नहीं हुआ है। हालांकि उन्होंने तेजस्वी के दावे को सीधे नकारा भी नहीं, लेकिन स्वीकारा भी नहीं। कांग्रेस की यह ‘ना-हां’ वाली स्थिति अपने आप में बड़ा राजनीतिक संदेश दे रही है।
तेजस्वी की चाल या दबाव की रणनीति?
अब राजनीतिक विश्लेषकों के बीच यह सवाल तैरने लगा है कि क्या तेजस्वी ने यह बयान सोच-समझकर दिया है? क्या वह इस बहाने इंडिया गठबंधन के बाकी दलों का रुख जानना चाहते हैं? या फिर यह उनकी एक रणनीतिक चाल है, जिससे वह यह संदेश देना चाहते हैं कि बिहार में गठबंधन की गाड़ी उनके बिना नहीं चल सकती। यदि साथ आना है, तो मुख्यमंत्री चेहरा वही होंगे।
तेजस्वी ने यह भी कहा कि हमारी सरकार बनी तो बिहार को स्कॉटलैंड बना देंगे। उनके इस बयान ने कई स्तरों पर बहस छेड़ दी है सियासी भी, सामाजिक भी और गठबंधन की एकता को लेकर भी।
जेडीयू ने किया करारा वार
तेजस्वी यादव की घोषणा के बाद जेडीयू भी पीछे नहीं रही। पार्टी के प्रवक्ता नीरज कुमार ने कटाक्ष करते हुए कहा राहुल गांधी को तेजस्वी का चेहरा पसंद नहीं है। वे बिहार तो आते हैं, लेकिन तेजस्वी से मिलने नहीं जाते। अब तेजस्वी खुद को ‘मियां मिट्ठू’ बना रहे हैं। यह वही हाल है जैसे ‘मान न मान, मैं तेरा मेहमान’। जेडीयू का यह बयान साफ तौर पर दिखाता है कि विपक्षी खेमे में तेजस्वी की दावेदारी को लेकर न केवल सवाल हैं, बल्कि अंदरूनी असहमति भी गहराई में मौजूद है।
पूरा बयान क्या था?
तेजस्वी यादव ने एक निजी चैनल से बातचीत में कहा, ‘मैं ही मुख्यमंत्री का चेहरा हूं, इंडिया गठबंधन में इस पर सहमति बन चुकी है। बिहार में हमारी सरकार बनने वाली है। हम सरकार में आए तो बिहार को स्कॉटलैंड बना देंगे। बीजेपी के नेता चिंटू जैसे हैं, जो सिर्फ नमाज और मौलाना की स्क्रिप्ट पढ़ते हैं। हम जाति और धर्म की राजनीति को जगह नहीं देंगे।‘
फिलहाल क्या स्थिति है?
तेजस्वी ने खुद को CM फेस बताया है, लेकिन गठबंधन की बड़ी पार्टियों की अभी तक कोई औपचारिक सहमति सामने नहीं आई है। कांग्रेस ने संकेत दिए हैं कि अभी कोई निर्णय नहीं हुआ है। जेडीयू ने तंज कसते हुए कहा कि विपक्षी खेमे में तालमेल की कमी है।
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