BJP नेता नाजिया इलाही खान ने किया सनातन धर्म में वापसी का ऐलान, नंदकिशोर गुर्जर का अपनाएंगी गोत्र
Ghaziabad News: सुप्रीम कोर्ट में वकील और भारतीय जनता पार्टी की नेता नाजिया इलाही खान ने हिंदू धर्म में वापसी की घोषणा की है। एक वीडियो संदेश में उन्होंने लोनी के विधायक नंदकिशोर गुर्जर को अपना बड़ा भाई और पिता के समान बताया। नाजिया ने कहा कि वे जल्द ही सनातन धर्म में वापसी करेंगी और अपने पूर्वजों की सच्चाई को स्वीकार करेंगी। उन्होंने यह भी कहा कि लोनी विधायक उनके साथ मजबूती से खड़े हैं और उनका गोत्र अपनाने की बात कही है।
संविधान और यूनिफॉर्म सिविल कोड पर रुख
नाजिया इलाही ने कहा कि उन्होंने संविधान के पक्ष में खुलकर अपनी बात रखी है और यूनिफॉर्म सिविल कोड का समर्थन किया है। उन्होंने विपक्षी दलों की नीतियों पर सवाल उठाए और इस्लाम में व्याप्त कुरीतियों की ओर इशारा किया। हाल ही में मध्य प्रदेश के इंदौर में रामघाट पर जाकर उन्होंने अपने पितरों का श्राद्ध किया और वहीं से सनातन में आने का संकल्प लिया।
कट्टरपंथियों पर साधा निशाना
नाजिया ने कट्टरपंथी तत्वों पर तीखा हमला बोला। उनका कहना है कि इन तत्वों को लगता है कि उनका मर जाना या उन्हें मार डालना ही इस्लाम को बचाने का सही तरीका है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे अपने फैसले पर अडिग हैं और किसी दबाव में नहीं आएंगी।
सुप्रीम कोर्ट की वरिष्ठ अधिवक्ता नाजिया इलाही जल्दी ही इस्लाम धर्म से सनातन धर्म में कन्वर्ट होंगी। भाजपा विधायक नंद किशोर गुर्जर अपना गोत्र देने के लिए तैयार हैं। pic.twitter.com/3JFGg3gEVS
— Madan Mohan Soni (@madanmohansoni) October 22, 2026
मध्य प्रदेश से शुरू हुई थी बात
हालांकि नाजिया इलाही ने हाल ही में एक इंटरव्यू में सनातन स्वीकारने की बात कही, लेकिन इसकी शुरुआत मध्य प्रदेश के रामघाट से ही हो चुकी थी। उन्होंने वहीं से अपने पूर्वजों की असलियत स्वीकारने और सनातन धर्म अपनाने का ऐलान किया था। अब उन्होंने दावा किया है कि पश्चिम बंगाल के अधिकारी परिवार और बनर्जी परिवार ने उन्हें अपना गोत्र देने की बात कही है। इसके अलावा गुर्जर परिवार से भी गोत्र देने का प्रस्ताव मिला है।
कौन हैं नाजिया इलाही
नाजिया इलाही मूल रूप से पश्चिम बंगाल की निवासी हैं। कोलकाता यूनिवर्सिटी से एलएलबी और एलएलएम की पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में वकालत शुरू की। तीन तलाक के मामले में इशरत जहां की कानूनी सलाहकार के रूप में उन्होंने पहचान बनाई। वर्ष 2018 में वे भाजपा में शामिल हुईं और वर्तमान में भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा से जुड़ी हैं। वे मुस्लिम समाज की कुरीतियों, कट्टरपंथ और आयोजनों पर लगातार टिप्पणी करती रही हैं।
नाजिया इलाही को उनके विचारों के कारण कई बार जान से मारने की धमकियां मिल चुकी हैं। पाकिस्तान से भी उन्हें धमकी दी गई है। हाल ही में उन्होंने आईएसआई के हैंडलर शहजाद भट्टी और उसके कमांडो हुनैन राणा के नंबर से डरावने वीडियो और संदेश भेजे जाने का आरोप लगाया था, जिसको लेकर काफी चर्चा हुई थी।

