Breast Cancer: स्तन कैंसर से बचाव के लिए समय पर जांच है ज़रूरी, जानिए कौन से टेस्ट हैं फायदेमंद
Breast Cancer: स्तन कैंसर महिलाओं में होने वाला सबसे आम कैंसर है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, 2022 में 2.3 मिलियन महिलाओं में स्तन कैंसर का निदान किया गया था। समय पर जांच से स्तन कैंसर का शुरुआती चरण में पता लगाकर इसे ठीक करने की संभावना बढ़ जाती है। आइए जानते हैं स्तन कैंसर का पता लगाने के लिए कौन-कौन से टेस्ट किए जाते हैं।
1. खुद से करें पहचान

हालांकि यह कोई टेस्ट नहीं है, लेकिन खुद से ब्रेस्ट में गांठ या निप्पल डिस्चार्ज की जांच करने की सलाह दी जाती है। अगर ब्रेस्ट में किसी तरह की असामान्यता महसूस हो तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
2. मैमोग्राफी (Mammography)

मैमोग्राफी एक एक्स-रे टेस्ट है जिससे ब्रेस्ट टिशू में असामान्य वृद्धि का पता लगाया जाता है। यह 40 वर्ष से अधिक उम्र की महिलाओं के लिए नियमित जांच के तौर पर बेहद महत्वपूर्ण है।
3. ब्रेस्ट अल्ट्रासाउंड

यह टेस्ट मैमोग्राफी के दौरान दिखे संदिग्ध क्षेत्रों की आगे जांच के लिए किया जाता है। यह ठोस द्रव्यमान (संभवतः कैंसर) और द्रव भरे सिस्ट (आमतौर पर सौम्य) के बीच अंतर करने में मदद करता है।
4. मैग्नेटिक रेजोनेंस इमेजिंग (MRI)

MRI में चुंबक और रेडियो तरंगों का उपयोग करके स्तन कैंसर का पता लगाया जाता है। यह उन महिलाओं के लिए उपयोगी है जिनके परिवार में कैंसर का इतिहास हो या जिनमें पारिवारिक आनुवंशिक जोखिम हो।
5. बायोप्सी (Biopsy)

यदि अन्य टेस्ट में किसी गांठ या असामान्यता का पता चलता है तो बायोप्सी की जाती है। इसमें टिशू का नमूना लेकर माइक्रोस्कोप के नीचे जांच की जाती है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि यह कैंसर है या नहीं।

