सिद्धार्थनगर में पहली बार बौद्ध संघ इकाई का गठन, प्रो. शरदेन्दु त्रिपाठी और कुमारी अरुणिमा को अहम जिम्मेदारी
Sandesh Wahak Digital Desk/Zakir Khan: जनपद सिद्धार्थनगर में बौद्ध विचारधारा को जन-जन तक पहुँचाने की दिशा में ऐतिहासिक कदम उठाया गया है। पहली बार भारतीय बौद्ध संघ, उत्तर प्रदेश की सिद्धार्थनगर इकाई का गठन किया गया है। इस नई इकाई में ज़िले के प्रमुख बुद्धिजीवियों और समाजसेवियों को महत्वपूर्ण पदों की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
प्रो. डॉ. शरदेन्दु त्रिपाठी, जो सिद्धार्थ विश्वविद्यालय, कपिलवस्तु में प्राचीन इतिहास के सहायक प्रोफेसर हैं, उन्हें बौद्ध संघ सिद्धार्थनगर का ज़िलाध्यक्ष नियुक्त किया गया है। वहीं जिला न्यायालय के वरिष्ठ अधिवक्ता शेषमणि प्रजापति को जिला महासचिव की जिम्मेदारी दी गई है।
महिला प्रकोष्ठ में भी नेतृत्व की कमान सौंपी गई है। कुमारी अरुणिमा, जो विश्वविद्यालय में शोधार्थी हैं, को महिला प्रकोष्ठ की जिला अध्यक्ष बनाया गया है, जबकि मणिमाला को जिला सचिव पद की जिम्मेदारी दी गई है।
बैठक में हुआ सर्वसम्मति से चयन
यह नियुक्तियां बुधवार को एक विशेष बैठक के दौरान की गईं, जिसकी जानकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष भंते डॉ. संघप्रिय राहुल ने प्रेस वार्ता के माध्यम से दी। वे कपिलवस्तु पिपरहवा, लुंबिनी और विश्वविद्यालय स्थित बौद्ध संग्रहालय के भ्रमण पर आए थे। भ्रमण से पहले उन्होंने जिले के प्रमुख बौद्ध नेताओं से मुलाकात की और संगठन के विस्तार पर चर्चा की।
डॉ. संघप्रिय राहुल ने बताया कि सभी पदाधिकारियों का चयन सर्वसम्मति से किया गया है और यह कदम बौद्ध संघ की विचारधारा को जनपद स्तर पर मजबूती देने की दिशा में अहम साबित होगा।
महिला नेतृत्व ने जताई खुशी
नवनियुक्त महिला ज़िलाध्यक्ष कुमारी अरुणिमा और सचिव मणिमाला ने संयुक्त बयान में कहा कि उन्हें इस जिम्मेदारी पर गर्व है। वे पूरी निष्ठा से बौद्ध सिद्धांतों को आम लोगों तक पहुंचाने और समाज में शांति व समरसता फैलाने का कार्य करेंगी। इस महत्वपूर्ण आयोजन का संचालन अधिवक्ता जयशंकर प्रसाद मिश्रा ने किया। बैठक में बौद्ध संघ के कई वरिष्ठ पदाधिकारी और समाजसेवी भी मौजूद रहे।
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