नीतीश कुमार के गढ़ में चिराग पासवान की ‘बहुजन भीम संकल्प रैली’, इस दिन करेंगे शक्ति प्रदर्शन
Sandesh Wahak Digital Desk: बिहार की राजनीति में 2025 के विधानसभा चुनावों की आहट तेज़ हो चुकी है और सभी दल चुनावी मोर्चा संभालने लगे हैं। इसी क्रम में लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान अब पूरी तरह से एक्शन मोड में आ गए हैं।
बीते 8 जून को आरा के रमना मैदान से ‘नव संकल्प रैली’ के जरिए चिराग पासवान ने चुनावी बिगुल फूंका था और जनता से वादा किया कि “आप जहां से चाहेंगे, मैं वहीं से चुनाव लड़ूंगा।” अब चिराग एक कदम आगे बढ़ते हुए सीधे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के गढ़ राजगीर में हुंकार भरने जा रहे हैं। 29 जून को चिराग पासवान ‘बहुजन भीम संकल्प रैली’ करने जा रहे हैं, जो राजगीर के स्टेट गेस्ट हाउस मैदान में आयोजित होगी। पार्टी ने इसे ऐतिहासिक और निर्णायक रैली करार दिया है।
मगध क्षेत्र के जिलों की भागीदारी
पार्टी के नालंदा जिलाध्यक्ष सत्येंद्र पासवान मुकुट ने जानकारी देते हुए बताया, यह रैली केवल नालंदा ही नहीं, बल्कि पूरे मगध क्षेत्र नवादा, शेखपुरा, गया और जहानाबाद की जनता को एकजुट करने की दिशा में एक बड़ा कदम होगी। स्टेट गेस्ट हाउस मैदान करीब 15 से 20 बीघा में फैला है, और हमें उम्मीद है कि मैदान पूरी तरह से भर जाएगा।”
उनके मुताबिक, यह रैली आरा में हुई नव संकल्प रैली से भी बड़ी और प्रभावशाली होगी। विशेष बात यह है कि इस बार रैली को डॉ. भीमराव अंबेडकर के नाम से जोड़ा गया है, जिससे पार्टी का बहुजन वोट बैंक पर विशेष फोकस साफ दिख रहा है।
राजगीर में रैली के राजनीतिक मायने
नीतीश कुमार के गृह जिले में चिराग पासवान की इस रैली के राजनीतिक मायने क्या हैं, इस पर पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने नाम न छापने की शर्त पर बताया आरा की रैली चिराग की चुनावी एंट्री थी, जबकि राजगीर की रैली उनकी ताकत का प्रदर्शन होगी। इससे यह संदेश जाएगा कि चिराग बिहार की राजनीति में निर्णायक भूमिका निभाने को तैयार हैं। उन्होंने साथ ही यह भी स्पष्ट किया कि एनडीए में कोई मतभेद नहीं है और यह रैली विपक्ष को संदेश देने के लिए की जा रही है।
गौरतलब है कि 6 जून को कांग्रेस नेता राहुल गांधी भी राजगीर में एक बड़ी रैली कर चुके हैं। ऐसे में अब चिराग पासवान की ‘बहुजन भीम संकल्प रैली’ को भी उसी मापदंड पर देखा जा रहा है। आने वाले समय में यह साफ होगा कि नीतीश कुमार के गढ़ में किसकी पकड़ मजबूत होती है।
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