यूपी में एनालॉग डेयरी प्रोडक्ट्स पर पूरी तरह रोक, पनीर-घी-खोया बेचने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई
Analogue Dairy Products Ban : उत्तर प्रदेश सरकार ने शनिवार को एनालॉग डेयरी उत्पादों की बिक्री पर पूरे प्रदेश में रोक लगा दी है। इस प्रतिबंध के दायरे में पनीर, घी और खोया समेत ऐसे डेयरी उत्पाद शामिल हैं, जिनमें दूध की जगह दूसरे फैट या अन्य पदार्थों का इस्तेमाल किया जाता है।
सरकार का यह कदम दूध और दूध से बने उत्पादों में मिलावट की शिकायतों और जांच के दौरान सामने आए मामलों के बाद उठाया गया है। इससे पहले खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (FSDA) की ओर से होटल और रेस्टोरेंट में गलत लेबल के साथ ऐसे उत्पादों की बिक्री पर कार्रवाई का प्रस्ताव दिया गया था।
जांच में रिफाइंड तेल से लेकर डिटर्जेंट तक की मिलावट मिली
सरकारी आदेश के मुताबिक, उत्तर प्रदेश के कई जिलों में दूध और दूध से बने उत्पादों की जांच के दौरान उनमें अलग-अलग तरह की मिलावट पाई गई। इनमें रिफाइंड तेल और फैट, सोयाबीन व उसके उत्पाद, टैल्कम पाउडर, डिटर्जेंट, टाइटेनियम डाइऑक्साइड, लिक्विड ग्लूकोज, हाइड्रोजन पेरोक्साइड और अलग-अलग न्यूट्रलाइजर जैसी चीजें शामिल थीं।
आदेश में कहा गया है कि इस तरह की मिलावट से तैयार किए जा रहे दूध और डेयरी उत्पाद स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक हो सकते हैं। ऐसे उत्पादों के निर्माण और बिक्री को रोकना खाद्य सुरक्षा विभाग की जिम्मेदारी है।
Food Safety and Standards Act, 2006 के तहत दूध और दूध से बने उत्पादों को उनके मूल स्वरूप में ही तैयार और बेचा जाना चाहिए।
मिलावट मिली तो उत्पाद जब्त कर नष्ट किए जाएंगे
सरकार के आदेश के अनुसार, किसी डेयरी या डेयरी उत्पाद बनाने वाली यूनिट में दूसरे फैट, हानिकारक रसायन या मिलावट करने वाले पदार्थ पाए जाते हैं तो वहां मौजूद सभी संबंधित दूध उत्पादों को जब्त कर नष्ट किया जाएगा।
जनस्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए ऐसी यूनिट का काम भी तत्काल बंद कराया जा सकता है। इसके लिए Food Safety and Standards Act, 2006 की धारा 34 के तहत आपातकालीन प्रतिबंध आदेश जारी किया जाएगा।
अगर किसी प्रतिष्ठान में स्वास्थ्य के लिए हानिकारक रसायनों का संगठित तरीके से इस्तेमाल पाया जाता है तो संबंधित व्यक्ति के खिलाफ BNS की संबंधित धाराओं में FIR दर्ज की जाएगी।
इसके अलावा संबंधित ब्रांड की बिक्री पर पूरे प्रदेश में रोक लगाई जाएगी और प्रतिष्ठान का फूड लाइसेंस या रजिस्ट्रेशन तत्काल निलंबित किया जा सकता है।
अगर उत्तर प्रदेश के बाहर तैयार किए गए दूध या डेयरी उत्पादों में भी हानिकारक रसायन या दूसरे फैट की पुष्टि होती है, तो संबंधित ब्रांड की बिक्री पर प्रदेशभर में प्रतिबंध लगाया जाएगा।

