दांतों में ठंडा-गर्म लगना सिर्फ सेंसिटिविटी नहीं, इस संकेत को न करें नजरअंदाज

Dental Health Tips: दांतों में ठंडा या गर्म लगना, मीठा खाते ही झनझनाहट होना आम समस्या मानी जाती है। कई लोग इसे सामान्य डेंटल सेंसिटिविटी समझकर नजरअंदाज कर देते हैं। लेकिन अगर यह परेशानी बार-बार हो रही है और खासकर किसी एक दांत में ही दर्द होता है, तो इसकी वजह दांत में आई बारीक दरार यानी Cracked Tooth भी हो सकती है।

क्रैक्ड टूथ में दर्द हर समय नहीं होता। कई बार ठंडा-गर्म खाने-पीने या किसी खास चीज को चबाने पर ही अचानक तेज दर्द महसूस होता है। इसलिए बार-बार होने वाली सेंसिटिविटी को केवल सामान्य समस्या मानना सही नहीं है।

दांत की सबसे बाहरी परत को एनेमिल कहा जाता है। इसके नीचे डेंटिन और सबसे अंदर डेंटल पल्प होता है। पल्प में नसें और रक्त वाहिकाएं होती हैं।

जब दरार एनेमिल से आगे डेंटिन तक पहुंचती है, तो ठंडा, गर्म या चबाने जैसे बाहरी असर दांत के संवेदनशील हिस्सों के ज्यादा करीब पहुंच सकते हैं। अमेरिकन एसोसिएशन ऑफ एन्डोडोनटिस्ट के अनुसार, चबाते समय दरार वाले हिस्से की हल्की मूवमेंट पल्प में परेशानी पैदा कर सकती है। समय के साथ इससे पल्प को नुकसान भी हो सकता है।

ठंडा-गर्म या मीठा खाने पर क्यों होता है दर्द?

दांत में दरार होने पर तापमान के प्रति संवेदनशीलता, खासकर ठंडी चीजों से परेशानी, एक अहम लक्षण हो सकता है। एनसीबीआई में उपलब्ध रिसर्च रिव्यू में भी क्रैक्ड टूथ के साथ ठंडे या गर्म खाद्य पदार्थों और पेय से सेंसिटिविटी का जिक्र किया गया है।

दांतों में ठंडा-गर्म लगना सिर्फ सेंसिटिविटी नहीं, इस संकेत को न करें नजरअंदाज

इसका एक कारण दरार का डेंटिन तक पहुंचना हो सकता है। डेंटिन में बेहद छोटी नलिकाएं होती हैं। तापमान बदलने पर इन नलिकाओं में मौजूद तरल के मूवमेंट से पल्प की नसों में उत्तेजना हो सकती है। इससे कुछ समय के लिए तेज दर्द महसूस हो सकता है।

चबाते समय तेज दर्द हो तो दें ध्यान

किसी एक दांत में चबाते समय अचानक तेज चुभने वाला दर्द क्रैक्ड टूथ का महत्वपूर्ण संकेत हो सकता है। चबाने के दौरान दरार के दोनों हिस्सों में हल्की मूवमेंट हो सकती है। इससे डेंटिन के तरल और पल्प की नसों में उत्तेजना पैदा हो सकती है।

दांतों में ठंडा-गर्म लगना सिर्फ सेंसिटिविटी नहीं, इस संकेत को न करें नजरअंदाज

कई बार दर्द चबाते समय ही नहीं, बल्कि चबाना छोड़ते वक्त भी अचानक महसूस हो सकता है। यह सामान्य दांतों की सेंसिटिविटी से अलग संकेत हो सकता है।

सामान्य सेंसिटिविटी और क्रैक्ड टूथ में अंतर

अमेरिकन एसोसिएशन ऑफ एन्डोडोनटिस्ट और अन्य उपलब्ध जानकारी के अनुसार, दोनों स्थितियों में ठंडा या गर्म खाने पर झनझनाहट हो सकती है। इसलिए केवल लक्षणों के आधार पर अंतर करना हमेशा आसान नहीं होता।

लक्षण सामान्य सेंसिटिविटी क्रैक्ड टूथ
ठंडी चीजों से सेंसिटिविटी हो सकती है हो सकती है
मीठा खाने से दर्द हो सकता है हो सकता है
चबाने पर तेज दर्द आम तौर पर नहीं महत्वपूर्ण संकेत
चबाना छोड़ते समय दर्द सामान्य नहीं हो सकता है
बार-बार एक ही दांत में दर्द संभव अक्सर देखा जा सकता है
दरार दिखाई देना आमतौर पर नहीं हो सकती है, लेकिन हमेशा दिखाई नहीं देती

यह तुलना सामान्य क्लिनिकल पैटर्न समझाने के लिए है। किसी व्यक्ति में दांत की दरार है या नहीं, इसका पक्का पता डेंटिस्ट की जांच के बाद ही चलता है।

दांत में दरार सेंसिटिविटी की एक संभावित वजह हो सकती है, लेकिन हर सेंसिटिविटी का कारण क्रैक्ड टूथ नहीं होता। सामान्य डेंटल सेंसिटिविटी के अलावा दांत का टूटना, मसूड़ों का कमजोर होना, ढीली फिलिंग और पल्प से जुड़ी समस्या भी ऐसे लक्षण पैदा कर सकती है।

दांतों में ठंडा-गर्म लगना सिर्फ सेंसिटिविटी नहीं, इस संकेत को न करें नजरअंदाज

अगर किसी एक दांत में ठंडा-गर्म लगने के साथ बार-बार तेज दर्द हो रहा है, खासकर चबाते समय या चबाना छोड़ते वक्त, तो इसे नजरअंदाज करने के बजाय दांतों के डॉक्टर से जांच कराना बेहतर है।

Also Read: गर्दन का दर्द कंधे और हाथ तक क्यों पहुंचता है, इन लक्षणों को न करें नजरअंदाज 

Get real time updates directly on you device, subscribe now.