CEC के खिलाफ जंतर-मंतर पर प्रदर्शन मामले में दिल्ली पुलिस ने दर्ज कीं 3 एफआईआर

Sandesh Wahak Digital Desk: मुख्य निर्वाचन आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर राजधानी दिल्ली में विपक्षी दलों द्वारा किए गए उग्र विरोध-प्रदर्शन के मामले में दिल्ली पुलिस ने सख्त रुख अपनाया है। पुलिस ने धारा 163 (निषेधाज्ञा) का उल्लंघन कर जंतर-मंतर पर जुटने और प्रदर्शन करने के आरोप में कुल तीन एफआईआर (FIR) दर्ज की हैं। इनमें से दो प्राथमिकियां संसद मार्ग थाने में और एक कनॉट प्लेस पुलिस स्टेशन में दर्ज की गई हैं।

धारा 163 के उल्लंघन पर सख्त कानूनी कार्रवाई

पुलिस अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार, एफआईआर पुलिस की डेली डायरी में दर्ज प्रविष्टियों के आधार पर कायम की गई हैं। हालाँकि, प्राथमिकियों में फिलहाल किसी व्यक्ति या संगठन को नामजद आरोपी नहीं बनाया गया है, लेकिन प्रदर्शन के आयोजकों और संबंधित संगठनों का जिक्र किया गया है।

संसद मार्ग थाना (दो FIR): भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 223(a), 221, 132 और 3(5) के तहत केस दर्ज।

कनॉट प्लेस थाना (एक FIR): बीएनएस (BNS) की धारा 223, 221, 132 और 3(5) के तहत मामला दर्ज।

वहीं 2 अक्टूबर को जंतर-मंतर और आसपास के इलाकों से लगभग 750 लोगों को हिरासत में लिया गया। यह पूरा मामला निर्वाचन आयोग द्वारा चलाए जा रहे स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) से जुड़ा है। कांग्रेस, आम आदमी पार्टी, वामदलों, छात्र संगठनों और सिविल सोसाइटी के प्रतिनिधियों ने आरोप लगाया है कि एसआईआर के दौरान ड्राफ्ट मतदाता सूची से 13 करोड़ से अधिक पात्र मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं। इसी विरोध में विपक्षी दल मुख्य निर्वाचन आयुक्त के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। वहीं, चुनाव आयोग ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि यह प्रक्रिया मतदाता सूचियों की शुद्धता सुनिश्चित करने के लिए चलाई जा रही है और छूटे हुए पात्र लोगों के नाम जोड़ने के लिए विशेष अभियान भी शुरू किए गए हैं।

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