गोरखपुर में सपा की प्रेस वार्ता में बवाल, कुर्सी के चक्कर में पूर्व जिलाध्यक्ष को जड़ा थप्पड़
Gorakhpur News: समाजवादी पार्टी में अंदरूनी विवाद शनिवार को गोरखपुर प्रेस क्लब में खुलकर सामने आ गया। जिलाध्यक्ष ब्रजेश गौतम की प्रेस वार्ता के दौरान पार्टी नेताओं के बीच कहासुनी हो गई। आरोप है कि वरिष्ठ नेता अंशुमान सिंह के समर्थकों ने पूर्व जिलाध्यक्ष नगीना साहनी के साथ हाथापाई की और उन्हें जान से मारने की धमकी दी। विवाद के कारण प्रेस वार्ता बाधित हो गई और मौके पर अफरा-तफरी मच गई। वहां मौजूद पुलिसकर्मियों ने बीच-बचाव कर मामला शांत कराया।
कुर्सी खिसकाने को लेकर शुरू हुई कहासुनी
जिलाध्यक्ष ब्रजेश गौतम ने प्रेस वार्ता में पूर्व और वर्तमान प्रत्याशियों के साथ जिला और महानगर के पदाधिकारियों को बुलाया था। इसी दौरान वरिष्ठ नेता अंशुमान सिंह अपने समर्थकों के साथ पहुंचे। बताया गया कि उनके समर्थक अंशुमान सिंह को प्रमुख नेताओं के साथ अगली पंक्ति में बैठाना चाहते थे।
उस पंक्ति में नगीना साहनी के एक तरफ वरिष्ठ नेता संजय पहलवान और दूसरी तरफ काजल निषाद बैठी थीं। कुर्सी खिसकाने को लेकर शुरू हुआ विवाद कुछ ही देर में तीखी नोकझोंक और कथित हाथापाई तक पहुंच गया।
नगीना साहनी ने थप्पड़ मारने और धमकी देने का लगाया आरोप
नगीना साहनी का आरोप है कि अंशुमान सिंह के समर्थकों ने उन्हें थप्पड़ मारा और जान से मारने की धमकी दी। उन्होंने कहा कि वह इस पूरे मामले की शिकायत पुलिस से करेंगे और पार्टी हाईकमान को भी इसकी जानकारी देंगे। हाथापाई के दौरान पूर्व सचिव संजय पहलवान के भी इसकी चपेट में आने की बात कही गई है।
विवाद बढ़ने पर पार्टी के अन्य वरिष्ठ पदाधिकारी नगीना साहनी को बचाने के लिए आगे आए। इसके बाद अंशुमान सिंह अपने समर्थकों के साथ वहां से चले गए।
जिलाध्यक्ष बोले, हाईकमान को देंगे जानकारी
जिलाध्यक्ष ब्रजेश गौतम ने घटना को दुखद बताया। उन्होंने कहा कि किसी भी पार्टी पदाधिकारी के साथ हाथापाई नहीं होनी चाहिए थी। पूरे मामले की जानकारी पार्टी हाईकमान को दी जाएगी।
मौके पर मौजूद महानगर अध्यक्ष शब्बीर कुरैशी ने भी घटना को गलत बताया। उन्होंने कहा कि अगली पंक्ति में बैठने के लिए जगह नहीं होने के कारण विवाद शुरू हुआ, लेकिन इस तरह की घटना पार्टी के हित में नहीं है।
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